बलरामपुर अस्ताल के स्थापना दिवस समारोह पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते अटल बिहारी वाजपेयी च
लखनऊ। अस्पताल आया मरीज परेशान होता है। डॉक्टर इलाज के साथ मरीज की काउंसिलिंग भी करें। यह बात अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विवि के कुलपति प्रो. एके सिंह ने बुधवार को बलरामपुर अस्पताल के 152वें स्थापना दिवस समारोह में कही। वह समारोह के दौरान पद्मश्री डॉ. एससी राय मेमोरियल ओरेशन में बोल रहे थे।
समारोह में मुख्य अतिथि महानिदेशक चिकित्सा-स्वास्थ्य डॉ. डीएस नेगी ने चिकित्सकों व स्टाफ को कोरोना वॉरियर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव लोचन ने बताया कि कोरोना काल में अस्पताल में कोविड-19 की आरटीपीसीआर जांच के लिए बीएसएल-2 लैब स्थापित की गई। जल्द ही यहां माइक्रोबायोलॉजी विभाग की भी स्थापना होगी। इसके लिए दो माइक्रोबायोलॅाजिस्ट की तैनाती हो गई है। माइक्रोबायोलॉजी लैब स्थापित होने से यहां पस व यूरिन कल्चर जांच की सुविधा भी शुरू हो सकेगी। उन्होंने डायलिसिस यूनिट के विस्तार तथा लेप्रोस्कोपिक सर्जरी यूनिट को मजबूत करने की जरूरत बताई। समारोह के दौरान लेप्रोस्कोपिक हिस्टैक्टमी सर्जरी पर एक वर्कशॉप भी हुई। इसमें ऐनेस्थेटिस्ट डॉ. नूरुल हक सिद्दीकी व लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. विवेक कुमार ने सर्जरी की बारीकियां बताईं। महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी ने कहा कि अब बलरामपुर चिकित्सालय में आने वाले गुर्दा मरीजों को डायलिसिस की सुविधा भी मिल सकेगी।