एमजी बिल्डर्स ने प्लॉट के नाम पर 11 लोगों से 95 लाख ठगे
लखनऊ। प्लॉट के नाम पर 11 लोगों से 95 लाख की धोखाधड़ी करने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर विभूतिखंड थाने में एमजी बिल्डर्स की निदेशक समेत सात के खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पीड़ितों का आरोप है कि रकम मांगने पर हत्या की धमकी दी गई।
फतेहपुर जिले के आलमपुर सतारा लंगर निवासी प्रियंका उमराव के मुताबिक वर्ष 2022 में रिश्तेदार ने उनकी मुलाकात एमजी बिल्डर्स के एजेंट प्रियांशु दीक्षित से कराई थी। प्रियांशु ने निवेश के तौर पर प्लॉट खरीदने की बात कही थी। एजेंट विभूतिखंड स्थित कंपनी के दफ्तर ले गया। यहां निदेशक सुमिता मिश्रा, कर्मी सुचित पांडेय, सौरभ, साक्षी, शशांक सिंह और हिमांशु शर्मा मिले। उन्हें सरोजनीनगर के पिपरसंड गांव में प्लॉट का नक्शा दिखाया। प्रियंका ने बताया कि उन्होंने 10.11 लाख का प्लॉट बुक करा लिया। रिश्तेदार रूबी ने 6.40 लाख, सुनीता राय ने आठ लाख, सोनिका ने 2.53 लाख और रश्मि ने भी सात लाख में प्लॉट बुक कराया था। रकम देने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं हुई।
इसके अलावा दिल्ली निवासी सैन्य कर्मी राजकुमार से 15 लाख रुपये, रायबरेली के बछरावां निवासी संजीव अवस्थी से 22.50 लाख, कृष्णानगर के मानस नगर के रहने वाले राजेंद्र सिंह से 8.75 लाख, बलिया के प्रेम जी से 7.80 लाख व अनिल कुमार से 6.49 लाख और सरोजनीनगर निवासी मीनाक्षी मिश्रा से 50 हजार रुपये आरोपियों ने ठग लिए। पीड़ितों में राजकुमार, प्रियंका, संजीव, राजेंद्र, प्रेम जी, अनिल कुमार और मीनाक्षी ने कोर्ट में गुहार लगाई थी। इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह ने बताया कि विवेचना कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।