लखनऊ मेट्रो की चारबाग से बसंतकुंज तक की अगले चरण की ब्लूलाइन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्रदेश सरकार को भेज दी गई है। संशोधित डीपीआर में करीब 17 प्रतिशत की कटौती की गई है।
लखनऊ मेट्रो के अधिकारियों के साथ वार्ता कर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरर्पोशन(डीएमआरएसी) ने 4,538 करोड़ रुपये की डीपीआर को अंतिम रूप दिया है। डीएमआरसी से डीपीआर मिलते ही इसे सरकार को भेज दिया गया, जिससे प्रोजेक्ट पर केंद्र की वित्तीय स्वीकृति जल्द मिल सके।
एमडी कुमार केशव ने बताया कि केंद्र सरकार ने इससे पहले की डीपीआर के प्रस्तावित बजट में कटौती करने के लिए कहा था। इसके बाद डीएमआरसी के साथ मिलकर इस पर मंथन हुआ। प्रोजेक्ट में कुछ बदलाव कर बिना गुणवत्ता से समझौता किए ब्लूलाइन की संशोधित डीपीआर तैयार कर ली गई है।
यह कमी छोटे स्टेशन बनाकर, मेक इन इंडिया उत्पादों का अधिकतम उपयोग कर की जाएगी। जल्दी ही प्रदेश सरकार की रिपोर्ट के साथ डीपीआर केंद्र को भेजी जाएगी, जहां पीआईबी की अनुमति प्रोजेक्ट के लिए जरूरी होगी। ऐसा मेट्रो प्रोजेक्ट में भारत सरकार और यूपी सरकार की संयुक्त सहभागिता होने से अनिवार्य है।
इस तरह हुई बजट में कटौती
अब चार की जगह तीन कोच की चलेगी ट्रेन। स्टेशनों के आकार भी छोटे किए गए, जिससे कम जमीन का अधिग्रहण करना होगा। निर्माण में आयातित की जगह मेक इन इंडिया उत्पाद लगाए जाएंगे। इससे लागत पांच से सात प्रतिशत तक कम होगी।