आश्चर्यजनक लेकिन सच है कि मेट्रो की सवारी चार साल बाद भी लो फ्लोर एसी बस से काफी सस्ती होगी। राजधानी में लो फ्लोर एसी सिटी बस के किराए ने मेट्रो के चार साल बाद प्रस्तावित किराए की बराबरी कर ली है।
इतना ही नहीं यदि सिटी बसों के किराए में इसी तरह से बढ़ोतरी होती रही तो चार साल बाद मेट्रो से भी अधिक होगा किराया।
सिटी बस सेवा के लिए गठित की गई कंपनी ने चंद रोज पहले बस सेवाओं का किराया तय किया। इसमें सबसे महंगी सेवा लो फ्लोर एसी बस सर्विस है, जिसका किराया भी नए सिरे से तय किया गया।
इसको देखते हुए मेट्रो की सवारी अभी से सस्ती लग रही है। डीएमआरसी ने मेट्रो के लिए जो डीपीआर तय की है, उसमें अमौसी से मुंशी पुलिया और चारबाग से बसंतकुंज के हिसाब से किराया तय किया है।
इसमे किलोमीटर के हिसाब से जो किराया है, उसमें मेट्रो और एसी बस के किराए में नाममात्र का फर्क है। कुछ किलोमीटर के लिए तो यह बराबर और कई जगह तो मेट्रो का किराया लो फ्लोर एसी बस के मुकाबले कम ही हो गया है।