मेट्रो रेल के संचालन से लेकर सुरक्षा तक सब कुछ कंप्यूटरीकृत होगा। सिग्नल, इंटर लॉकिंग सब कुछ कंप्यूटर से चलेंगे।
इसको सुरक्षित रखने के लिए यहां की एयर कंडीशनिंग व्यवस्था सबसे अहम किरदार निभाएगी।
मेट्रो रेल की डीएमआरसी की डीपीआर में कंप्यूटर किस तरह से तमाम व्यवस्थाओं को संभालेगा इसका विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया है।
इंटर लॉकिंग सिस्टम मेट्रो संचालन के दौरान बहुत अहम होगा। कंप्यूटर आधारित इस सिस्टम में स्विचिंग से लेकर लाइन में इंटर लॉकिंग सब कुछ कंप्यूटर पर आधारित होगा।
लाइन साइड के सिग्नल किसी सामान्य प्रकाश बिंदु नहीं बल्कि इनको एलईडी आधारित बनाया जाएगा।
इससे यह अधिक टिकाऊ और विश्वसनीय होंगे। कंप्यूटरीकृत ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम भी मेट्रो में होगा।
ऑटोमैटिक ट्रेन सुपरविजन सिस्टम भी होगा। सभी ट्रेनों का परिचालन एक कंप्यूटर पर लॉग ऑन रहेगा।
सभी स्टेशनों के ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर में ट्रेन का यह मूवमेंट लगातार डिस्प्ले होता रहेगा।
सभी तरह के डेटा भी इस दौरान सेव होते रहेंगे। पावर केबल से टेलीकम्यूनिकेशन के केबल सिस्टम को पूरी तरह से अलग रखा जाएगा।
गजब का होगा टेलीकम्यूनिकेशन
दूरसंचार व्यवस्था गजब की होगी। पूरा सिस्टम ऑप्टिकल फाइबर पर टिका होगा।
सभी स्टेशनों के लिए 30 पोर्ट का ईपीबीएक्स होगा जबकि टर्मिनल स्टेशन के लिए 60 पोर्ट का ईपीबीएक्स होगा।
चलती मेट्रो के मोटर मैन और सेंट्रल कंट्रोल के बीच डिजिटल ट्रेन रेडियो के माध्यम से संपर्क बना रहेगा।