लखनऊ। वाहनस्वामियों की ओर से चालान शुल्क जमा करने में की जा रही आनाकानी व लापरवाही को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग उन्हें जमा करने के प्रति जागरूक करेगा। इसके लिए विभाग ने वाहन स्वामियों के पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर मेसेज भेजना शुरू कर दिया गया है। अब तक 29 हजार से अधिक मेसेज भेजे जा चुके हैं।
परिवहन विभाग ने एक डाटा जारी कर बताया है कि इस साल लखनऊ में जनवरी से लेकर मई तक 4,48,633 चालान पोर्टल पर दर्ज किए गए हैं। इन चालानों की राशि करीब 2.49 अरब रुपये है। परिवहन विभाग के अफसरों ने बताया कि अभी कुल चालान की राशि में से 1.07 अरब रुपये ई-चालान के रूप में जमा किए जा चुके हैं। शेष की वसूली जारी है। सबसे अधिक चालान दो और चारपहिया वाहनों पर किए गए हैं।
अफसरों ने बताया कि जिन मोबाइल नंबरों पर एक से अधिक चालान जारी हुए हैं, उन पर वॉट्सएप चैटबॉट के जरिये ई-चालान भुगतान का रिमाइंडर भेजा गया है। परिवहन आयुक्त बीएन सिंह ने बताया कि व्हाट्सएप चैटबॉट से ई-चालान भुगतान का रिमाइंडर भेजना एक प्रयोग है। इसका मकसद चालान की जानकारी और भुगतान प्रक्रिया सहज बनाना है। इसे भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिए भेजा गया है। वहीं से एपीआई इंटीग्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह ऑटोमेटिक काम करने लगेगा। इसके बाद सभी वाहन स्वामियों को उनके चालान संबंधी जानकारी पहुंचती रहेगी।