लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और छात्र कल्याण व्यवस्था अब और बेहतर होगी। हॉस्टलों की मेस के खाने की औचक जांच की जाएगी। विद्यार्थियों को जिम और वाई-फाई की विशेष सुविधाएं भी मिलेंगी।
लविवि के विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए तीन दिन पहले प्रो. आशीष अवस्थी को चीफ प्रोवोस्ट और प्रो. अमिता कनौजिया को स्टूडेंट्स वेलफेयर का डीन नियुक्त किया गया। दोनों अधिकारियों ने सोमवार को पद संभालते ही छात्र सुविधाओं और व्यवस्थाओं में सुधार की पहल शुरू कर दी। विश्वविद्यालय में शिकायत निवारण से लेकर स्वास्थ्य, स्वच्छता और खेल-कूद तक हर क्षेत्र में नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर माहौल मिलेगा।
गूगल फॉर्म से दर्ज होगी शिकायत
नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों की शिकायतें अब गूगल फॉर्म के जरिये दर्ज की जाएंगी। समय पर इनका निस्तारण करने के लिए विशेष समिति बनाई गई है। हॉस्टलों और विभागों में पीने के साफ पानी, स्वच्छ शौचालय और पानी की टंकियों की नियमित सफाई पर खास जोर दिया गया है। शौचालयों की सफाई की निगरानी के लिए व्हाइट बोर्ड भी लगाए जाएंगे, जिन पर दिन में दो बार सफाई व्यवस्था की स्थिति दर्ज होगी।
हफ्ते में तीन दिन हॉस्टलों का दौरा करेंगे डॉक्टर
लविवि के सभी हॉस्टलों और विभागों में समितियां बनाकर स्वच्छता, भोजन, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और अनुशासन की जिम्मेदारी तय की गई है। छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आरोग्य भवन को और बेहतर किया जा रहा है। सभी हॉस्टलों में फर्स्ट-एड बॉक्स व चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। वरिष्ठ सेवानिवृत्त डॉक्टर सप्ताह में तीन दिन हॉस्टलों का दौरा करेंगे। विश्वविद्यालय में कॉमन कॉम्प्लेक्स, जिम और छात्राओं के लिए विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। मेस और रसोई की गुणवत्ता की जांच के लिए नियमित निरीक्षण के साथ औचक दौरे होंगे। मनोविज्ञान और योग विभाग के शोधार्थी भी विद्यार्थियों को मुफ्त काउंसिलिंग और योग प्रशिक्षण देंगे।