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Lucknow News: गड़बड़झाला ... जब से लगा स्मार्ट मीटर, बिजली विभाग के चक्कर लगा रहा हूं

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प्रतीकात्मक तस्वीर।
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केस -1 : नेट मीटर लगने के बाद से नहीं बना सही बिल
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अमौसी जोन के एक सीनियर सिटीजन उपभोक्ता (खाता संख्या 8398400000) के घर नवंबर में नेट मीटर लगा। अक्तूबर का पूरा बिल जमा करने के बावजूद जनवरी में 9,500 रुपये का बिल भेज दिया गया। कानपुर रोड खंड कार्यालय में सुनवाई नहीं हुई। हर महीने मनमानी यूनिट जोड़कर बिल भेजे जा रहे हैं।
केस-2 : विभाग पर निकली 19,719 रुपये की देनदारी

राजाजीपुरम निवासी आरके श्रीवास्तव के घर सोलर लगने के बाद नेट मीटर लगाया गया। पहले 2,500-3,000 रुपये का बिल आता था, जो बाद में 8,500 से 13,500 रुपये तक पहुंच गया। हुसैनगंज कॉल सेंटर में शिकायत पर बिल ठीक हुआ और विभाग पर 19,719 रुपये की देनदारी निकल आई।
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लखनऊ। ये महज दो उदाहरण हैं, मगर उपभोक्ताओं के साथ ऐसी समस्याएं खूब सामने आ रही हैं। राजधानी में स्मार्ट मीटर और सोलर पैनल पर नेट मीटर लगने के बाद गलत बिजली बिल बनने का सिलसिला ही शुरू हो गया है। यही नहीं, बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली बिल बनने भी बंद हो गए हैं। 1912 पर दर्ज शिकायतें बिना समाधान बंद किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
1912 पर फर्जी निस्तारण के आरोप
सहादतगंज निवासी जावेद के अनुसार, उनकी मां रियाज फातिमा के नाम कनेक्शन का तीन माह तक बिल नहीं बना। 1912 पर दर्ज दो शिकायतें (एमवी 1122508503) बिना समाधान बंद कर दी गईं। उच्च अधिकारियों से शिकायत के बाद जनवरी से बिल बनना शुरू हुआ।
रिकॉर्ड में मीटर बाहर, हकीकत में अंदर
जानकीपुरम जोन के उपभोक्ता ने मीटर बाहर लगाने की शिकायत 1912 पर (एमवी 04112502993) दर्ज कराई। रिकॉर्ड में मीटर बाहर दिखाकर शिकायत बंद कर दी गई। सीएम को ट्वीट करने के दो घंटे बाद मीटर बाहर लगाया गया।
मीटर बदलने के नाम पर वसूली का आरोप
अमौसी जोन की पुष्पा सिंह (आशुतोष नगर) के घर तीन माह से बिल नहीं बन रहा। जांच में मीटर डिस्प्ले खराब बताया गया। कर्मचारी ने 1,450 रुपये देने पर मीटर बदलने की बात कही। रुपये न देने पर अब तक मीटर नहीं बदला गया।
जानिए, क्या है नेट मीटर
जो उपभोक्ता सोलर पैनल से बिजली का उत्पादन करते हैं। उनके यहां पैनल में यह मीटर लगाया जाता है। इसमें बिजली कितने यूनिट बनी, इसका मापन होता है। इस मीटर की खासियत होती है कि उपभोक्ता के द्वारा खर्च की जाने वाली बिजली और पैदा होने वाली बिजली की यूनिट का विवरण अलग-अलग दिखता है।
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Iनए मीटर के बाद बिल गलत होने पर 1912 या हेल्पडेस्क पर शिकायत दर्ज कराएं। सात दिन में बिल सही किया जाता है। मीटर फीडिंग में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।I
I- योगेश कुमार, निदेशक (वाणिज्य)I
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