लखनऊ। इरम एजुकेशनल सोसाइटी का स्थापना दिवस मंगलवार को मनाया गया। मौके पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और अल्पसंख्यक कल्याण के राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने मेधावियों को सम्मानित किया।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि डॉ. यूनुस ने जीवन गरीबों की शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उनका उद्देश्य पैसा कमाना नहीं था। इसी का परिणाम है कि इरम एजुकेशनल सोसाइटी देश के उच्च शिक्षा संस्थानों की श्रेणी में जानी जाती है।
दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि डॉ. यूनुस ने आमजन की शिक्षा के लिए जो किया, वह सराहनीय है। मौके पर विद्यार्थियों की ओर से लोकनृत्य, कलाम, देशभक्ति के गीत, समूह नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं।
अभी रिश्ते में गुंजाइश है बाकी, अभी वो गलतियां गिनवा रहा है...
इंदिरानगर स्थित इरम गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बुधवार शाम हुए मुशायरे में नामचीन शायरों ने वाहवाही लूटी।
एक शाम डॉ. ख्वाजा मोहम्मद यूनुस के नाम कार्यक्रम में मंजर भोपाली ने पढ़ा- बहुत खराब है माहौल इस जमाने का, निकलना घर से तो मां बाप की दुआ लेकर...। शिखा अवधेश ने पढ़ा- तू नाहक ही इसे झुठला रहा है, मुहब्बत पर कभी पहरा रहा है, अभी रिश्ते में गुंजाइश है बाकी, अभी वो गलतियां गिनवा रहा है।
डॉ. नवाज देवबंदी ने पढ़ा- दुपट्टे कांधों पर थे और सर खुले हुए थे, चिराग ताक में रखे थे पर बुझे हुए थे। डॉ. तारिक कमर ने पढ़ा- अपने हाथों की लकीरों से उलझता हुआ मैं, और फिर मेरे मुकद्दर से निकलते हुए तुम। आईएएस डॉ. हरिओम ने सुनाया- गले से मुझको लगाओ तो जिंदगी कम है। डॉ. अब्बास रजा नैयर ने पढ़ा- अब तो आंखों में भी खतरे का निशां आ गया है, दिल को आना कहां था और कहां आ गया है।
इरम एजुकेशनल सोसाइटी के स्थापना दिवस पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और अल्पसंख्यक कल्याण के राज्य
इरम एजुकेशनल सोसाइटी के स्थापना दिवस पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और अल्पसंख्यक कल्याण के राज्य
इरम एजुकेशनल सोसाइटी के स्थापना दिवस पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और अल्पसंख्यक कल्याण के राज्य
इरम एजुकेशनल सोसाइटी के स्थापना दिवस पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और अल्पसंख्यक कल्याण के राज्य