लखनऊ। लविवि में स्नातक अंतिम वर्ष के लगभग सभी कोर्सों का परीक्षा परिणाम आ चुका है। इसके बाद अब विश्वविद्यालय में परास्नातक कोर्सों की प्रवेश प्रक्रिया गति पकड़ेगी। विवि प्रशासन ने रविवार को एक दर्जन पीजी कोर्सों की मेरिट सूची जारी कर दी है। जल्द ही इनकी च्वॉइस फिलिंग की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
विवि प्रशासन की ओर से पिछले दिनों पीजी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के बाद इनकी आंसर-की तो जारी कर दी गई थी लेकिन स्नातक अंतिम वर्ष के रिजल्ट न आने के कारण आगे की काउंसिलिंग प्रक्रिया नहीं शुरू की गई थी। अब परिणाम आने के साथ ही रविवार को एमएससी अप्लाइड जियोलॉजी, एमएससी बॉटनी/माइक्रोबायोलॉजी, एमए इंग्लिश, एमए जियोग्राफी, एमए हिंदी, एमएससी मैथ्स, एमए मैथ्स, एमए मेडिवल एंड मॉडर्न इंडियन हिस्ट्री, एमए पब्लिक हेल्थ, एमए संस्कृत, एमए समाजशास्त्र, एमएससी जुलॉजी की प्रोविजनल मेरिट जारी की गई है।
प्रवेश समन्वयक प्रो. पंकज माथुर ने बताया कि विद्यार्थी अपने लॉगिन आई-डी से अपनी मेरिट देख सकते हैं। जल्द ही उपरोक्त विषयों की मेरिट के अनुसार उपलब्ध सीटों के सापेक्ष च्वॉइस फिलिंग शुरू की जाएगी। जिन विषयों में च्वॉइस फिलिंग की जरूरत है, उसमें च्वॉइस फिलिंग के बाद सीट अलॉटमेंट किया जाएगा। सीटों के सापेक्ष जिनमें कम आवेदन हैं, उनका सीधे सीट आवंटन जारी किया जाएगा। प्रवेश संबंधित विस्तृत जानकारी विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी।
बीए-बीएससी का सेकंड अलॉटमेंट आज
लविवि की स्नातक प्रवेश प्रक्रिया के क्रम में बीए एनईपी, बीएससी बायो एनईपी व बीएससी मैथ्स एनईपी की ऑनलाइन काउंसिलिंग के सेकंड अलॉटमेंट/अपग्रेडेशन का परिणाम सोमवार तीन अक्तूबर को जारी होगा। उक्त पाठ्यक्रमों के अलॉटमेंट/अपग्रेडेशन के बाद सीट आवंटन का परिणाम मेरिट और च्वॉइस के आधार पर जारी होगा। यह अभ्यर्थियों के लॉगिन पर उपलब्ध होगा। प्रवेश समन्वयक प्रो. पंकज माथुर ने कहा कि अभ्यर्थी दिए लॉगिन का प्रयोग कर सोमवार को शाम सात बजे के बाद अपना आवंटन देख सकेंगे। फीस छह अक्तूबर तक जमा कर सकेंगे।
20 के बाद कराएं पीएचडी का इंटरव्यू
लविवि व सहयुक्त महाविद्यालयों में पीएचडी सत्र 2020-21 के प्रवेश के लिए इंटरव्यू 10 अक्तूबर से शुरू करने की तैयारी है। इस बीच कुछ छात्रों ने अपने यूजीसी-नेट, जेआरएफ परीक्षा का हवाला देते हुए इसे 20 अक्तूबर के बाद कराने की मांग की है। वहीं विवि प्रशासन का कहना है कि किसी भी विद्यार्थी का नुकसान नहीं होगा, अगर कोई आवेदन आता है तो इस पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।