सांस्कृतिक संध्या में बिखरे सुरों के रंग
लखनऊ। राजधानी स्थित ललित कला अकादमी क्षेत्रीय केंद्र के 72वें स्थापना दिवस पर बुधवार को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत की सुरमयी प्रस्तुतियां दी गईं। मेघ मल्हार की गूंज, ठुमरी-कजरी की मिठास और बांसुरी की मधुर तान ने कला प्रेमियों को देर तक बांधे रखा। कार्यक्रम की मुख्य प्रस्तुति उप्र संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष व सुप्रसिद्ध शास्त्रीय-उपशास्त्रीय गायिका विभा सिंह की रही। उन्होंने राग मेघ मल्हार, सोहनी और जोग में बंदिश व तराना प्रस्तुत किया। इसके साथ ही ठुमरी, कजरी, चैती और दादरा की प्रस्तुति से भारतीय लोक और शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को सजीव कर दिया। युवा बांसुरी वादक अथर्व प्रताप सिंह ने राग शुद्ध सारंग में बड़ा और छोटा ख्याल, जोड़-झाला तथा लयकारी की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संयोजन ललित कला अकादमी के सचिव डॉ. देवेंद्र त्रिपाठी ने किया।