राजधानी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम इतना भव्य हो कि उसमें विश्व
कप का फाइनल भी कराया जा सके।
50 हजार दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम के
लिए शुक्रवार बहुत ही अहम दिन होगा। स्टेडियम की फाइनेंशियल बिड शुक्रवार
को राज्य औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन के समक्ष खोली जाएगी।
इसका
शिलान्यास 15 फरवरी तक होने की संभावना है। मेट्रो की तरह क्रिकेट स्टेडियम
भी मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसको आचार संहिता लागू होने से
पहले ही शुरू किए जाने की कोशिश की जा रही है।
एलडीए उपाध्यक्ष के मुताबिक
दोनों कंपनियों के प्रस्तुतिकरण देख कर ऐसा लगता है कि यह बहुत ही शानदार
खेल परिसर होगा। एलडीए के इंटरनेशनल क्रिकेट
स्टेडियम को बनाने के लिए तकनीकी अर्हता दो कंपनियों ने प्राप्त कर ली है।
तीन कंपनियों ने पीपीपी पर इस स्टेडियम के लिए तकनीकी बिड डाली थी, मगर
प्रस्तुतिकरण करने के लिए दो ही कंपनियां आईं। इन दोनों ही कंपनियों के
प्रस्तुतिकरण स्वीकार कर लिए गए हैं।
अब दोनों कंपनियां फाइनेंशियल बिड
डालेंगी। जिसका वित्तीय प्रस्ताव बेहतर होगा, उसको स्टेडियम बनाने का काम
दे दिया जाएगा। कंपनियों ने अपने सहयोगियों के साथ 137 एकड़ में स्टेडियम
और रीयल एस्टेट डवलपमेंट के इस प्रोजेक्ट में रुचि दिखाई है।
इंटरनेशनल
क्रिकेट स्टेडियम में 70 एकड़ में खेल परिसर और बाकी 67 एकड़ में रीयल
एस्टेट डवलपमेंट होगा। शहीद पथ से लगती भूमि पर यह परियोजना परवान चढ़ेगी।
तकनीकी बिड के लिए अर्थकॉम कंस्ट्रक्शंस एंड कंसोर्टियम, आईएसपी एंड
एसीआईएल कंसोर्टियम और एनसीसी-जीसीसी कंसोर्टियम ने साझे में आवेदन किया
था। बाद में एनसीसी-जीसीसी और अर्थकॉम कांस्ट्रक्शंस एंड कंसोर्टियम ने
प्रस्तुतिकरण किया था।
प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी
प्राधिकरण को भी इस परियोजना में एक निश्चित लाभ देगी। इसके अलावा 15 फरवरी
तक स्टेडियम का शिलान्यास किए जाने की उम्मीद है।