समाजवादी पार्टी ने सांप्रदायिकता को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाकर भाजपा के
प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर हमलों को और तेज करने का
फैसला किया है।
भ्रष्टाचार व महंगाई के सवाल पर कांग्रेस को भी बेहिचक
कठघरे में खड़ा करेगी। यह भी तय हुआ है कि जल्द दिल्ली से एक और साइकिल
यात्रा निकाली जाए। जो तीन अलग-अलग रास्तों से होते हुए और सूबे को मथते
हुए लखनऊ पहुंचेगी।
यह यात्रा दिल्ली में इंडिया गेट से प्रारंभ होगी। इसे
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। चुनाव की जमीनी
तैयारी की समीक्षा के लिए 16 से 20 फरवरी के बीच बूथ प्रभारियों की बैठकें
होंगी।
साथ ही लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्येक सीट के लिए प्रभारियों व
पर्यवेक्षकों की सूची को अंतिम रूप दिया गया। इसे जल्द ही जारी कर दिया
जाएगा। यह सब मंगलवार को यहां पार्टी के राज्य संसदीय बोर्ड व चुनाव संचालन
समिति की साझा बैठक में हुआ।
बैठक में
पार्टी सदस्यता अभियान को तेज करने का फैसला भी लिया गया। विधानसभा की तीन
सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भी कमर कसने को कहा गया।
बैठक में
उपस्थित कमोबेश सभी की राय थी कि पार्टी का प्रस्तावित राज्य सम्मेलन
लोकसभा चुनाव के बाद किया जाए। चुनाव तक अन्य सारे कामों को स्थगित करके
सिर्फ चुनावी कार्यक्रम में जुटा जाए।
अंत में कहा गया कि भाजपा व कांग्रेस
की नीतियों से जनता त्रस्त है। केंद्र में दोनों दलों की सरकार नहीं बनने
वाली। अगली सरकार तीसरे मोर्चे की ही बनेगी।
सबसे बड़ा दल होने के आधार पर
अगली सरकार के गठन में सपा मुखिया मुलायम सिंह की मुख्य भूमिका होगी। तय
हुआ कि पार्टी के लोगों को कांग्रेस व भाजपा पर हमलों में कोई संकोच नहीं
करना है।
मोदी पर जितने करारे प्रहार हो सकते हों किए जाएं। बैठक में
शिवपाल सिंह यादव, अहमद हसन के साथ ही पार्टी के कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
तीसरे मोर्चे की कवायद को मुलायम गए दिल्ली बैठक
में पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव को भी शामिल होना था पर तीसरे मोर्चे
के नेताओं की होने वाली बैठक की तैयारियों के सिलसिले में वह दिल्ली चले
गए।
मुख्यमंत्री व प्रदेश सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की अध्यक्षता में बैठक
हुई। इसमें चुनावी एजेंडा तय करने के अलावा चुनावी कार्यक्रमों की समीक्षा
की गई। कहा गया कि चुनावी प्रबंधन में बूथ कमेटियों की भूमिका अहम होती है।
इसलिए नए सिरे से इन्हें मजबूत किया जाए।
तय किया गया कि 16 से 20 फरवरी
के बीच सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठकें
पूरी कर ली जाएं।
प्रभारी व पर्यवेक्षकों की तैनाती व नई साइकिल यात्रा बैठक
में लोकसभा प्रभारियों व पर्यवेक्षकों की सूची को अंतिम रूप दिया गया। एक
नई साइकिल यात्रा प्रारंभ करने पर भी सहमति बनी। यह यात्रा दिल्ली से
प्रारंभ होकर आगे आकर तीन हिस्सों में बंट जाएगी।
एक यात्रा आगरा के रास्ते
यूपी में प्रवेश करके आगे बढ़ेगी। दूसरी एटा के रास्ते आएगी और तीसरी
मुरादाबाद के रास्ते। इसके माध्यम से पार्टी की नीतियों व अखिलेश सरकार की
उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा।