गोंडा। गांवों में विकास को गति देने के लिए गुरुवार को हुुई पहली बैठक में 842 पंचायतों ने हुंकार भरी। बैठक में पंचायत समितियों के गठन के साथ ही विकास का खाका खींचा गया। जिले की पंचायतों में करीब एक हजार करोड़ की योजनाओं का संचालन करने के लिए पंचायतें तैयार हो गई हैं। दो लाख मनरेगा के श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने की तैयारी है। साथ ही बुजुर्गों को पेंशन योजनाओं से जोड़ने का अभियान शुरू होगा। हालांकि कई कार्य अभी ठप्प चल रहे हैं।
बैठक के मुताबिक, साल भर में पंचायतें करीब 500 करोड़ के मनरेगा की योजनाएं संचालित करेंगी। सौ करोड़ के करीब पंचायतों को राज्य व केंद्र से अनुदान मिला है। योजनाओं के साथ ही स्वच्छता योजनाओं, आवास योजनाएं, शिक्षा योजनाओं का संचालन पंचायतों से होगा। करीब 400 करोड़ की ये योजनाएं हैं। एक हजार करोड़ की योजनाएं पंचायतें चलाएंगी। सबसे अहम योजना मनरेगा है, कोरोना संकट में बाहर रहने वाले श्रमिक गांवों में ही रुकें हैं। साथ ही अन्य गरीब श्रमिकों को अब बाहर काम नहीं मिल रहा है। करीब दो लाख श्रमिकों को रोजगार मुहैय्या कराने में मनरेगा सहायक साबित होगी। पंचायतों की कमान प्रधानों के हाथ में आने के बाद उम्मीद है कि विकास आगे बढ़ेगा।
पंचायतों को हाईटेक बनाने पर जोर
पंचायतों को हाईटेक बनाने के संकल्पों के साथ पंचायतें आगे बढ़ने को उत्साहित हैं। कटरा बाजार के वीरपुर कटरा गांव की प्रधान लाजवंती दूबे ने गांव में इंटरनेट और बिजली की व्यवस्था, खेल के मैदान, तालाब का सौंदर्यीकरण, विकलांग, वृद्धा, विधवा व असहाय लोगों का समय से पेंशन दिलवाने की व्यवस्था करने पर जोर दिया।
बेलसर के सिंहपुर के प्रधान रामकुमार शुक्ल ने कहा कि गांव में विकास के अधूरे कार्य आगे बढ़ाएंगे। रोजगार दिलाने और अन्य कार्ययोजनाएं समय से पूरी कराएंगे। बरसड़ा की प्रथम बैठक प्रधान जूली ने कोरोना महामारी से गांव के लोगों को सुरक्षित करने की पहल होगी। एडीओ पंचायत अमित पटेल ने बताया की बेलसर ब्लॉक की सिंसई, बकियापुर, हरखापुर, लिलोई खुर्द, लौवा टेपरा, तेलहा आदि 42 ग्राम पंचायतों में प्रथम बैठक संपन्न हो रही है।
जिलाधिकारी ने प्रधानों से की मार्मिक अपील
जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने पंचायतों की कमान संभालने वाले प्रधानों को बधाई दी और अपील किया है कि सभी को साथ लेकर चलें। कोरोना जैसी महामारी में मानव जीवन संकट में है, और ऐसे वक्त में सबके कल्याण की जिम्मेदारी प्रधानों पर है।
कोरोना महामारी को परास्त करने में विशेष योगदान की अपील की है। कहा कि गांव के स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाएं, गोद लेकर जीर्णोद्धार कराएं। आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और स्कूलों के साथ गांव की नाली, संपर्क मार्ग, हैंडपंप को बेहतर बनाने का काम करें।
स्वच्छता के लिए ब्लीचिंग पाउडर, चूना आदि का छिड़काव कराएं। लोगों को टीकाकरण से जोड़ने के लिए रोज काम करें, सभी को जागरूक करें। कहा कि लोगों को पेंशन, आवास आदि योजनाओं से जोड़ने की पहल करें।
पूर्व मंत्री योगेश सिंह ने भी प्रधानों से की अपील
पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने प्रधानों को बधाई देने के साथ उन्हें अपने गांव को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ् बनाने पर जोर देने की अपील की है। कहा कि प्रधानों के जरिए गांव के हर व्यक्ति को जागरूक किया जाना जरूरी है। कोरोना जैसी महामारी से मुक्ति के लिए प्रधानों की भूमिका काफी अहम है।
कहा कि विकास के साथ ही मौजूदा परिस्थितियों में लोगों का टीकाकरण कराना और गांवों के स्वास्थ्य केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्ध अति आवश्यक है। गांवों में सैनिटाइजेशन और लोगों को मास्क की अनिवार्यता के साथ ही समय पर नवीन जानकारी देकर सक्षम बनाएं। उन्होंने जिन प्रधानों की अभी शपथ नही हुई उन्हें भी अभियान जारी रखने की अपील किया है।