उत्तर प्रदेश में पोस्टमार्टम के साथ ही अब मेडिको लीगल रिपोर्ट भी पोर्टल के जरिए ही दी जाएगी। इसके लिए डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस संबंध में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है।
प्रदेश में मेडिको लीगल एग्जामिनेशन एंड पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए पोर्टल विकसित किया गया है। इसे नेशनल इंफार्मेशन सेंटर (एनआईसी) ने विकसित किया है। प्रदेश के सभी जिलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस पोर्टल के जरिए जारी की जा रही है। अब मेडिको लीगल रिपोर्ट भी इसी पोर्टल के माध्यम से देने का निर्देश दिया गया है। प्रमुख सचिव ने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने स्तर पर निरंतर निगरानी करें। यह देखें कि कहीं रिपोर्ट मैनुअल तो नहीं दी जा रही है।
बायोमेडिकल वेस्ट के लिए निविदा
प्रमुख सचिव ने यह भी निर्देशित किया है कि सभी सीएमओ, सीएमएस बायोमेडिकल वेस्ट की निविदा प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरा कर लें। किसी तरह की असमंजस की स्थिति में महानिदेशालय से परामर्श लें। जिन जिलों के अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट की व्यवस्था नहीं रहेगी, उसके लिए संबंधित सीएमओ और सीएमएस जिम्मेदार होंगे।
564 आयुष्मान मंदिर को क्रियाशील करने का निर्देश
प्रमुख सचिव ने शहरी क्षेत्रों में आबादी के बीच 564 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को क्रियाशील करने का निर्देश दिया है। शहरी क्षेत्रों में खुलने वाले इन आरोग्य मंदिरों में मरीजों को चिकित्सीय परामर्श, इलाज के साथ ही 14 प्रकार की जांच कराने की सुविधा मिलेगी। टेली कंसल्टेंसी की सेवाएं भी इन आरोग्य मंदिरों में मरीजों को मिलेंगी। प्रदेश में इस समय कुल 22681 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं, जिनमें से शहरी क्षेत्रों में 1123 आरोग्य मंदिर क्रियाशील हैं।