पीजीआई में ओटीपी बताने के बाद ही पीडी खाता धारकों को मिलेंगी दवाएं।
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एसजीपीजीआई में दवा घोटाला सामने आने के बाद पोस्ट डिपॉजिट (पीडी) अकाउंट में कई बदलाव किए जा रहे हैं।
बायोमीट्रिक सिस्टम लागू करने के साथ ही पीडी खाता धारक मरीज को फोटोयुक्त पहचानपत्र और वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) सिस्टम भी लागू करने की तैयारी है। अब ओटीपी मिलने के बाद ही दवाएं दी जाएंगी।
करीब 55 लाख के दवा घोटाले के बाद एसजीपीजीआई प्रशासन पीडी अकाउंट में किसी तरह की खामी नहीं छोड़ना चाहता है।
ऐसे में पोस्ट डिपॉजिट (पीडी) खाता धारक मरीज को फोटोयुक्त पहचान पत्र जारी किया जाएगा। इसी तरह सॉफ्टवेयर में बदलाव करने की तैयारी है।
नए बदलाव के बाद मरीज के खाते से पैसे कटने से पहले मोबाइल नंबर पर ओटीपी का मेसेज आएगा। इसे बताने के बाद ही खाते से रुपये कटेंगे और दवाएं दी जाएंगी।
सिर्फ संविदाकर्मियों पर कार्रवाई से उठ रहे सवाल
नियमित कर्मचारियों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं किए जाने से एसजीपीजीआई प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। एसजीपीजीआई प्रशासन आठ संविदाकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद 18 को संस्थान से बाहर कर चुका है। संविदाकर्मियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान पूरे खेल में शामिल कई लोगों के नाम भी सामने आ चुके हैं। इसके बाद भी संबंधित के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। इन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है।
मामले की जांच चल रही
एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस भी प्रकरण में जांच कर रही है।