चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा है कि सरकार मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए चिकित्सा शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा डॉक्टरों को तेजी से पदोन्नति का अवसर देने के लिए एमसीआई की संस्तुतियों को नियमावली में शामिल करने पर भी विचार किया जाएगा।
टंडन विधानसभा में बोले रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर के 137 पद, एसोसिएट प्रोफेसर के 205 व असिस्टेंट प्रोफेसर के 240 पद हैं। मंत्री ने बताया कि बड़ी संख्या में शिक्षक चयनित होने के बाद जॉइन नहीं कर रहे हैं। 113 शिक्षकों ने जॉइन नहीं किया।
सरकार इसके लिए प्रोत्साहन राशि देने पर विचार कर रही है। साथ ही जो छात्र राजकीय मेडिकल कॉलेजों से शिक्षा लेकर निकल रहे हैं, उनसे बांड भरवाया जाएगा। दूसरे राज्यों में इस तरह की व्यवस्था है।
तीन साल में खुलेंगे 13 मेडिकल कॉलेज
टंडन ने बताया कि सरकार नए मेडिकल कॉलेजों को खोलने की कार्यवाही भी तेजी से कर रही है। पांच नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण चल रहा है। 2019 में इनमें शिक्षण कार्य शुरू करने की योजना है। इसके अलावा केंद्र ने 2018-19 के बजट में प्रदेश को आठ नए मेडिकल कॉलेज दिए हैं। तीन साल में 13 नए मेडिकल कॉलेज खुलने से शिक्षकों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।