यूपी के मेडिकल कॉलेजों में एमडी व एमएस की 160 सीटें बढ़ गई हैं। छह साल बाद सूबे में पीजी की सीटें बढ़ी हैं। इससे सरकार को प्रदेश में विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी दूर करने में सफलता मिलेगी। पीजी की बढ़ी सीटों में वर्तमान शैक्षिक सत्र से ही दाखिला दिया जा रहा है।
सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सबसे ज्यादा कमी है। इस कमी का मुख्य कारण सूबे में पिछले छह वर्षों में परास्नातक पाठ्यक्रमों की एक भी सीट का न बढ़ना है। इसी कमी को देखते हुए सरकार ने परास्नातक पाठ्यक्रमों की सीटें बढ़ाने का फैसला लिया है।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों व संस्थाओं में 160 सीटें बढ़ा दी गई हैं। अब सूबे में कुल सीटें बढ़कर 1283 हो गई हैं। इनमें से स्टेट कोटे की 614 सीटें हैं। 569 सीटें ऑल इंडिया कोटे से भरी जाती हैं।