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UP: अकाउंटेंट का फर्जी खाता खोलकर काउंसिलिंग से पहले लिया एडवांस, मेडिकल कॉलेज के संचालकों का कारनामा

Sun, 04 Jun 2023 07:58 AM IST
शाहरुख खान अशोक मिश्रा, अमर उजाला, लखनऊ

सार

आयुष दाखिला घोटाले में मेडिकल कॉलेज के संचालकों का एक और कारनामा सामने आया है। काउंसिलिंग से पहले ही फर्जी खाता खोलकर एडवांस ले लिया। 
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फाइल फोटो
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विस्तार
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आयुष दाखिला घोटाले में मिर्जापुर के संतुष्टि मेडिकल कॉलेज के संचालकों ने अपने अकाउंटेंट को भी नहीं बख्शा था। वाराणसी के नेवादा स्थित संतुष्टि हास्पिटल में काम करने वाले अकाउंटेंट नीरज कुमार जायसवाल के आधार कार्ड और पैन कार्ड से फर्जी बैंक खाता खोलकर काउंसिलिंग से पहले छात्रों से एडवांस पैसा जमा कराया गया। 
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जब एसटीएफ ने नीरज को पूछताछ के लिए बुलाया तो उसने अपने बयान में हास्पिटल संचालक डॉ. रितु गर्ग और उनके पति संजय गर्ग पर फर्जी खाता खोलने का आरोप लगाया। जांच में सामने आया है कि संजय गर्ग ने खाता खुलवाने में प्रस्तावक की भूमिका निभाई थी, जबकि इसका संचालन उनका बेटा प्रांजल गर्ग कर रहा था।

वहीं एसटीएफ की पूछताछ के बाद वाराणसी के जैतपुरा निवासी नीरज जायसवाल ने इस प्रकरण की शिकायत वाराणसी के पुलिस आयुक्त से की है। अपने शिकायती पत्र में उसने 20 मई को एसटीएफ की तरफ से भेजे गए नोटिस और पूछताछ किए जाने का जिक्र भी किया है। 
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नीरज ने अपनी शिकायत में कहा कि संतुष्टि हास्पिटल में जनवरी, 2020 में अकाउंटेंट के पद पर उसकी नियुक्ति हुई थी। उसे छह हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे। इस दौरान उसका पैन कार्ड और आधार कार्ड की प्रति संचालक डॉ. रितु गर्ग और उनके पति संजय गर्ग ने ली। 
 
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उसने आठ माह बाद नौकरी छोड़ दी थी। हालांकि उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में स्थित एचडीएफसी बैंक की शाखा में फर्जी बैंक खाता खोला गया। इसमें डॉ. रितु गर्ग के बेटे प्रांजल गर्ग का फोटो, हस्ताक्षर, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी का इस्तेमाल हुआ। 
 
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एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि इस खाते के जरिए प्रांजल गर्ग ने अपने मोबाइल पर यूपीआई-आईडी भी बनाई। आयुष दाखिले की काउंसिलिंग से पहले तमाम छात्रों से इस खाते में बतौर एडवांस पैसा जमा कराया गया, जो नियमों के विरुद्ध है।
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