अयोध्या। मरीजों को अस्पताल में ही सस्ती व गुणवत्तापरक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए खोले गए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र शोपीस बनकर रह गए हैं। जिले के तीन अस्पतालों में खुले इन केंद्रों पर दर्द, बुखार, पेट आदि की मामूली दवाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। इन्हीं सब बदहालियों की वजह से मरीज यहां तक आना भी मुनासिब नहीं समझते। दवाओं की कम आपूर्ति से व डॉक्टरों की बेरुखी से भी ये केंद्र टूट रहे हैं।
धनाभाव में दवाएं मरीजों की जान बचाने में बाधक न बनें, इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री द्वारा जन औषधि केंद्र की स्थापना की गई थी। यहां लगभग सभी बीमारियों की ब्रांडेड व गुणवत्तापरक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए बहुत सस्ती दरों पर इन्हें वितरित करने की मंशा जाहिर की गई थी। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जिला अस्पताल, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय व राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। लेकिन ये केंद्र वजूद में नहीं आ पा रहे हैं। इसमें कुछ भूमिका तो व्यवस्थापकों ने अदा किया, शेष कसर अस्पतालों के डॉक्टर निकाल रहे हैं।
केंद्र संचालकों के अनुसार डॉक्टर यहां के लिए दवाएं लिखते ही नहीं हैं। डॉक्टर ब्रांडेड व कमीशनयुक्त दवाएं ही लिख रहे हैं, जो बाहर के मेडिकल स्टोर्स पर ही मिलती हैं। जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र के संचालक फिरोज ने बताया कि मौजूदा समय में करीब 70 आइटम मौजूद हैं। इनमें शुगर, बीपी, कैल्शियम, विटामिन ए, डी, खुजली, फंगल इंफेक्शन, एंटी बायोटिक आदि दवाएं मौजूद हैं। चिकित्सक बिना फार्मूला लिखे दवाएं लिखकर भेजते हैं, इससे दवाएं स्पष्ट नहीं होती हैं और मरीजों को लौटाना पड़ता है। श्रीराम अस्पताल के शुभम सिंह ने कहा कि करीब 70 प्रतिशत दवाएं मौजूद हैं, मात्रा पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है, इससे कुछ दिक्कतें आ रही हैं।
सोहावल से चोट का इलाज के लिए जिला अस्पताल आई जैन खान ने बताया कि डॉक्टर ने दर्द की सूजन की दवा लिखी थी, जो यहां नहीं मिली। दुगवा रहीमपुर से चक्कर आने पर पहुंची पुष्पा पांडेय ने बताया कि डॉक्टर ने जो दवा लिखी, वो पांच सौ की थी। पता चला कि यहां जन औषधि केंद्र खुला है, तो यहां आई हैं, लेकिन केंद्र पर मौजूद कर्मचारी ने बताया कि इन दवाओं को स्पष्ट लिखा नहीं गया है, ये बाहर मेडिकल स्टोर पर ही मिलेगा।
कौशलपुरी से बुखार आई शीला ने बताया कि बुखार से कराह रहे थे, डॉक्टर को दिखाया तो तीन दवा लिखे हैं। इसमें एक दवा अस्पताल में मिली दूसरी के लिए यहां आए, तो कहा गया कि ये दवा बाहर की है। इसी तरह श्रीराम अस्पताल में आए हलकारा का पुरवा के अतीक अहमद ने बताया कि पेट दर्द व बुखार होने पर आए थे, डॉक्टर ने जो भी दवा लिखी जन औषधि केंद्र पर नहीं मिली। विक्रमजोत निवासी कृष्णा देवी ने बताया कि कुछ दवा केंद्र पर मिली है, लेकिन तीन दवा के लिए बाहर के लिए भेजा गया है।
सीएमओ डॉ. हरिओम श्रीवास्तव जन औषधि केंद्रों पर दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता के लिए कहा गया है। चिकित्सकों को बाहर की दवाएं न लिखने के लिए निर्देशित किया गया है, यदि ऐसा हो रहा है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।