दरवाजे के ऊपर स्थित रोशनदान की ग्रिल से अमृता का शव लटका था। शव लटका होने की वजह से ही संध्या दरवाजा नहीं खोल पा रही थी। उसने तुरंत परिवारीजनों और पुलिस को सूचना दी। अमृता के फांसी लगाने की खबर से हड़कंप मच गया।
पुलिस ने शव फंदे से उतरवाकर अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सकों ने अृमता को मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि अमृता के अलावा अवनीश की एक बड़ी बेटी रेनू और छोटा बेटा अभय हैं। उधर, बेटी की मौत की खबर सुनकर मां मीना की हालत खराब हो गई।
अमृता ने सुसाइड नोट में लिखा, ‘मैं जीवन में अकेली रहना चाहती हूं। शादी नहीं करना चाहती हूं। अगर शादी नहीं करती तो समाज ताना मारेगा इसलिए आत्महत्या कर रही हूं।’ उसने अपने पिता का मोबाइल नंबर लिखते हुए बताया कि मेरी सूचना मेरे पिता को दे दी जाए।
अमृता के पिता का कहना है कि दो साल पहले हरदोई के युवक से उसकी मंगनी कर दी गई थी। उसके एमबीबीएस का कोर्स पूरा करने का इंतजार किया जा रहा था। कोर्स पूरा होते ही उसकी शादी होनी थी। पुलिस का मानना है कि शायद अमृता शादी नहीं करना चाहती थी या फिर अपनी पसंद के लड़के से शादी करना चाहती होगी, इसलिए उसने जान दे दी।
अमृता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी पास ही कुछ बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी। सुबह उसकी बड़ी बहन रेनू के तीन साल के बेटे ने वीडियो कॉल की थी। अमृता ने कुछ देर उससे बातचीत करने के बाद ट्यूशन का टाइम होने की बात कहकर फोन काट दिया।
उसने भांजे से कहा था कि ट्यूशन से लौटकर वह फोन करेगी। पुलिस का कहना है कि भांजे से बातचीत के बाद क्या हुआ? उसने खुदकुशी किस वक्त की? कहीं अमृता की किसी से फोन पर कहासुनी तो नहीं हुई जिसके बाद उसने फांसी लगा ली? इन बिंदुओं पर जानकारी की जा रही है।