घटिया निर्माण के पीछे मोटी कमीशनबाजी की वजह का मामला सामने आने के बाद महापौर संयुक्ता भाटिया ने सोमवार को नगर निगम अफसरों को तलब कर कड़ी नाराजगी जताई। महापौर ने कहा कि यह खेल बंद होना चाहिए। इंजीनियर मौकेपर जाकर खुद निरीक्षण नहीं करता है। क्या जिम्मेदारी सिर्फ ठेकेदार की है। अगर ऐसा है तो इंजीनियरों पर कार्रवाई क्यों न की जाए। भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर उन्होंने नगर विकास मंत्री और मुख्यमंत्री को रिपोर्ट भेजने और एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
महापौर ने कहा कि घटिया निर्माण को रोकने के लिए मुख्य अभियंता की अगुवाई में एक समिति भी बनेगी। घटिया निर्माण और कमीशनबाजी का मामला अमर उजाला ने सोमवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद महापौर ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर अफसरों को तलब किया और नाराजगी जताई। महापौर ने नगर आयुक्त से साफ कहा कि घटिया निर्माण के लिए जितने ठेकेदार जिम्मेदार हैं, उतने ही इंजीनियर भी। यदि वह सही से निगरानी और निरीक्षण का काम शुरू होने से करें तो यह नौबत हीन आए।
यदि ठेकेदार खराब काम करता है तो उसे उसी समय ठीक कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़कों की जांच के लिए मुख्य अभियंता की अगुवाई में संबंधित जोन के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता की एक समिति बनाई जाए। जो काम शुरू होने से पहले ही मौके की जांच करे। अवर अभियंता निर्माण सामग्री की लगातार जांच करें। यदि कोई कमी हो तो उसे सही कराएं।
घटिया काम पर इंजीनियरों की भी जिम्मेदारी हो तय
महापौर ने कहा कि यदि समिति की निगरानी केबाद भी कहीं घटिया निर्माण का मामला सामने आए तो ठेकेदार के साथ ही समिति में शामिल सभी इंजीनियरों पर भी उसी अनुपात में कार्रवाई की जाए। महापौर ने कहा कि हमारा काम गुणवत्तायुक्त कार्य कराना है, काम रोकना नहीं।