यूपी में बुरी मात से बौखलाई और मुरझाई बहुजन समाज पार्टी ने बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं। पार्टी सुप्रीमो के भाई आनंद कुमार को माया के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाने लगा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक, चार जून को नई दिल्ली में पार्टी की अगली रणनीति पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई कोर ग्रुप की मीटिंग में सेंटर स्टेज पर आनंद नजर आए, तो पार्टी में यह चर्चा शुरू हो गई।
यह पहली बार था जब, पार्टी के बैकरूम ब्वॉय, आनंद खुलकर इस तरह सामने आए। यूपी में पार्टी की बुरी हार के बाद ही आनंद का उभरना भी पार्टी में उठी उत्तराधिकारी की गूंज का समर्थन करता दिख रहा है।
अब चर्चा यह है कि क्या माया अपने भाई आनंद की ताजपोशी भी करती हैं या फिर वह यूं ही नेताओं में डर बनाए रहेंगी।
आनंद ने दिया नेताओं को ज्ञान
पार्टी के सूत्रों की मानें तो बसपा की भविष्य की रणनीतियों पर जब आनंद ने ज्ञान देना शुरू किया, तबसे ही उत्तराधिकारी की चर्चा शुरू हो गई।
पार्टी में मायावती के कई करीबी नेता भी इस बदलाव को बेहद ध्यान से देख रहे हैं और पार्टी में होने वाले बड़े बदलावों की कयास लगा रहे हैं।
हालांकि, आनंद के पास पार्टी संगठन में कोई दायित्व नहीं है लेकिन बताया जाता है कि वह पार्टी के कोषाध्यक्ष का काम देख रहे हैं।
बसपा के शासनकाल में, आनंद कुमार को सरकार में बड़ा पॉवर सेंटर माना जाता था। अब उनका पार्टी संगठन में उभरना नए संकेत दे रहा है।
मयावती देशभर में खोलेंगी मोर्चा
बंद दरवाजों के पीछे हुई इस मीटिंग में मुख्य वक्ता के तौर पर बोल रहे आनंद ने यह भी साफ कर दिया कि बहनजी जल्द ही यूपी सरकार और केंद्र सरकार के लिए मोर्चा खोलने जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि मायावती के विरोध प्रदर्शनों में यूपी में नासूर बन चुके अपराध को ही निशाना बनया जाएगा।
उन्होंने मीटिंग में कहा कि अगर नरेंद्र मोदी भी महंगाई कम करने का अपना वादा पूरा करने में नाकाम होते हैं, तो बसपा पूरे देश में उनके खिलाफ अभियान छेड़ देगी।
इस मीटिंग में पार्टी के भरोसेमंद लेखक, बुद्घिजीवी और दो रिटायर्ड आईएएस अफसर मौजूद थे।