बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि मई दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सपा सरकार ने गरीबों और मजदूरों के हित में केवल बनावटी व लुभावनी बातें ही कही हैं।
आसमान छूती महंगाई के दौर में दैनिक न्यूनतम मजदूरी न बढ़ाना मजदूरों के साथ अन्याय है। बसपा अध्यक्ष ने एक बयान में कहा है कि पीएम ने बलिया में उज्जवला योजना का शुभारंभ करते हुए खुद को श्रमिक नंबर वन बताया।
यह झुलसाती गर्मी में भूख व प्यास से निढाल मजदूरों का मजाक उड़ाने से कम नहीं है।
इससे पहले कांग्रेस नेता भी खुद को जनसेवक व मुख्य सेवक कहकर जनता को बरगलाते रहे हैं।
अगर मई दिवस पर श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी बढ़ा दी जाती तो उनके लिए यह दिन जरूर सार्थक हो जाता।