बसपा सुप्रीमो ने केंद्र सरकार द्वारा 10 महत्वपूर्ण विभागों में प्राइवेट सेक्टर के लोगों को सीधे संयुक्त सचिव पद पर नियुक्ति देने के फैसले को मोदी सरकार की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रवृति बहुत ही खतरनाक है। मोदी सरकार प्रशासनिक विफलता को छिपाने के लिए इस तरह के कदम उठा रही है।
मायावती ने कहा कि जब केंद्र और राज्य सरकार के पास निविदा के आधार पर अनुभवी विशेषज्ञों को रखने की व्यवस्था व प्रचलन है, तो केंद्र में संयुक्त सचिव पद पर बाहरी व्यक्ति को बिना यूपीएससी की स्वीकृति के बैठाना सरकारी व्यवस्था का मजाक उड़ाना है।