कर्नाटक चुनाव में मिली करारी हार पर बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हर राज्य में पार्टी की तैयारी इस तरह से होनी चाहिए कि चुनाव में चाहे किसी की भी हवा हो बसपा की स्थिति अच्छी रहनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि बसपा का राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित होना बहुत जरूरी है। खासकर दलित व मुस्लिम समाज को सत्ता में अपनी उचित भागीदारी और अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर काफी सजग रहने की जरूरत है।
कर्नाटक में इन वर्गों ने एकजुट होकर कांग्रेस को वोट देकर जिताया है किंतु सरकार बनते समय इनकी हमेशा की तरह उपेक्षा की गई। इनकी दावेदारी की अनदेखी करते हुए न तो इस वर्ग से सीएम बनाया गया और न ही कोई डिप्टी सीएम। कांग्रेस को दलित व मुस्लिम हमेशा बुरे वक्त में ही याद आते हैं और सत्ता मिलते ही वह इन्हें भूल जाती है।