बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पार्टी उन क्षेत्रों पर खास फोकस करेगी जहां या तो वह पहले चुनाव जीत चुकी है या मौजूदा हालात में बेहतर नतीजों की गुंजाइश है। पार्टी दलितों, अतिपिछड़ों और मुसलमानों पर ध्यान केंद्रित कर चुनाव में उतरेगी।
मायावती ने मंगलवार को बसपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष भरत बिंद व अन्य पदाधिकारियों के अलावा बिहार चुनाव के लिए यूपी से प्रभारी बनाए गए वरिष्ठ नेताओं के साथ बसपा मुख्यालय पर लंबी बैठक की।
यहां उन्होंने पार्टी नेताओं को सूबे की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के निर्णय की जानकारी दी। यह भी साफ किया कि पार्टी किसी दल से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बिहार में भाजपा और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू सरकार के प्रति आम लोगों की भावनाओं के बारे में जानकारी हासिल की।
बिहार के नेताओं ने बताया कि राज्य अब भी बेहद पिछड़ा है। वहां दलितों, अति पिछड़ों व मुस्लिम वर्ग के लोगों की बड़ी आबादी काफी गरीब है। इनकी सामाजिक, शैक्षणिक व राजनैतिक स्थिति ठीक नहीं है। अब तक की सरकारों ने इनके लिए ठोस काम नहीं किए।