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आरक्षण पर सियासत: मायावती बोलीं- क्रीमी लेयर SC-ST के सामाजिक अधिकारों के खिलाफ, RSS के बयान पर जताई आपत्ति

Sun, 09 Aug 2026 11:03 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। मायावती ने क्रीमी लेयर को SC-ST के सामाजिक अधिकारों के खिलाफ बताया। RSS के बयान पर आपत्ति जताई। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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मायावती - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि देश में बहुजन समाज, खासकर एससी-एसटी और ओबीसी वर्गों के लिए आरक्षण केवल आर्थिक लाभ का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, सम्मान और समानता से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने एससी-एसटी वर्ग को आरक्षण से मिलने वाले लाभ में क्रीमी लेयर की व्यवस्था लागू करने की चर्चा को अनुचित बताया।

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एक्स पर जारी बयान में मायावती ने कहा कि सदियों से जातिगत भेदभाव, शोषण और सामाजिक उपेक्षा का सामना करने वाले एससी-एसटी समाज के लिए आरक्षण बेहद जरूरी है। जातिगत भेदभाव और अत्याचार आज भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं। ऐसे में आरक्षण को केवल आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए।

आरक्षण का राजनीतिकरण न करने की अपील

मायावती ने आरएसएस प्रमुख के उस कथित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें आरक्षण के राजनीतिकरण से समाज में कड़वाहट पैदा होने और आरक्षण का लाभ पाने वालों से स्वेच्छा से लाभ छोड़ने की बात कही गई थी। उन्होंने इसे जातिवादी सोच का परिचायक बताया।

उन्होंने कहा कि आरक्षण का मूल उद्देश्य सदियों से सामाजिक भेदभाव के शिकार रहे लोगों को संविधान के तहत समानता और सम्मान का अवसर देना है। इसे केवल आर्थिक उन्नति के पैमाने पर नहीं आंका जा सकता, क्योंकि जातिगत भेदभाव का असर समाज और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अब भी दिखाई देता है।

सरकार से प्रभावी पैरवी की मांग

मायावती ने कहा कि केंद्र में रही विभिन्न सरकारें भी इस सामाजिक वास्तविकता से परिचित रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि एससी-एसटी समाज को क्रीमी लेयर के दायरे से बाहर रखने के लिए सरकार के पास ठोस संवैधानिक और कानूनी तर्क हैं तो वह अदालत के समक्ष प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखेगी।

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उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार सरकारों की कमजोर कानूनी पैरवी के कारण सामाजिक परिवर्तन और समानता से जुड़े मामलों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते हैं।

'संविधान के उद्देश्यों के लिए सहयोग करे आरएसएस'

बसपा प्रमुख ने आरएसएस से भी आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति नहीं करने और इसमें किसी तरह के बदलाव की वकालत से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का सम्मान करते हुए देश में समतामूलक समाज व्यवस्था स्थापित करने के संवैधानिक उद्देश्यों की पूर्ति में सहयोग किया जाना चाहिए।

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