बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के उन आरोपों का कड़ा जवाब दिया है।
मायावती ने राहुल से सवाल किया है कि कांग्रेस को दलित नेतृत्व पैदा करने से किसने मना किया?
बसपा के प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारों के एक सवाल पर मायावती ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को एक नहीं हजार लीडर पैदा करने चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि राहुल को दलित नेतृत्व पैदा करने के लिए किसने मना किया?
दरअसल, पिछले दिनों राहुल ने यूपी की एक रैली में मायावती पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि मायावती बसपा में किसी दूसरे दलित लीडर को नहीं पनपने दे रही हैं।
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बहराइच में कांग्रेस, बसपा और सपा का एक डीएनए होने से जुड़े नरेंद्र मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए मायावती ने कहा कि मोदी को बसपा के बारे में कुछ कहने से पहले आडवाणी, राजनाथ और अपने आंतरिक संघर्ष के बारे में सार्वजनिक मंच से सफाई देनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेताओं की इस तिकड़ी के आपसी संघर्ष का फायदा बसपा को होगा। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव के बाद यह फायदा साफ नजर आएगा।
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मायावती ने सपा और कांग्रेस से किसी तरह की मिलीभगत से इंकार करते हुए कहा कि ऐसा किसी भी दशा में संभव नहीं है। केंद्र की यूपीए सरकार को तो उन्होंने सांप्रदायिक शक्तियों को सत्ता से बाहर रखने के लिए समर्थन दिया।
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उन्होंने दिल्ली में सरकारी बंगले में अवैध निर्माण के आरोपों से लेकर अपने भाई पर आयकर विभाग की रहमदिली जैसे आरोपों पर विस्तार से सफाई दी। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि ऐसा हर चुनाव के पहले मीडिया का दलित विरोधी एक तबका करता है।
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