बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को जिले के मरियमपुर गांव में आयोजित रैली दलितों को चेतावनी देकर धर्म के नाम पर न बिखरने की सलाह दी है साथ ही डर भी दिखाया कि मोदी आए तो देश्ा भर में दंगे होंगे।
कानून-व्यवस्था और दंगों को लेकर उनके निशाने पर सपा भी रही। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी पीएम बने तो देश सांप्रदायिक दंगों की चपेट में आ जाएगा।
मोदी को रोकने के लिए मुसलमानों को एकजुट होकर बसपा को वोट देना होगा। उन्होंने कहा कि आजादी के छह दशक बाद भी देश में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं हैं।
इन समस्याओं के लिए कांग्रेस और भाजपा सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
यूपी सरकार पर माफिया हावी
मायावती ने मोदी पर हमलावर होते हुए कहा कि आज मोदी कहते हैं कि वे प्रधानमंत्री बने तो गंगा, यमुना समेत देश की अन्य नदियों का प्रदूषण दूर कर दिया जाएगा।
सवाल ये है कि पूर्व में रही एनडीए सरकार में यह क्यों नहीं हुआ? उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार रही तो वे कार्य क्यों नहीं हुए, जिन्हें कराने का आज नरेंद्र मोदी ढिंढोरा पीट रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा को छोड़ कोई ऐसा दल नहीं है जो चुनावों में पूंजीपतियों का सहयोग न लेता हो।
इन दलों की सरकारें पूंजीपतियों के दबाव में रहती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। गुंडे, माफिया और अराजक तत्व सरकार पर हावी हैं।
बसपा के लिए एकजुट हो मुस्लिम
मुजफ्फरनगर और शामली में हुए दंगों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर प्रदेश के विकास कार्यों पर पड़ रहा है।
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश की उपेक्षा की है। हमारी सरकार ने सूबे के विकास के लिए मदद की मांग की थी लेकिन केंद्र ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
मायावती ने मुसलमानों को सावधान करते हुए कहा कि कांग्रेस की हालत खराब है। सपा उससे भी ज्यादा दुर्दशा से गुजर रही है। ऐसे में भाजपा को रोकने के लिए मुसलमानों को एकजुट होना पड़ेगा।
दलित, पिछड़ा और अपर कास्ट के साथ अगर मुसलमान भी बसपा के पाले में आ गए तो कोई हमें रोक नहीं पाएगा। मंच पर सुल्तानपुर से बसपा प्रत्याशी पवन पांडेय और अमेठी के प्रत्याशी धर्मेंद्र प्रताप सिंह मौजूद रहे।
घोषणापत्रों से रहें सावधान
मायावती ने मतदाताओं को कांग्रेस, भाजपा और सपा के लुभावने घोषणापत्रों से आगाह किया।
उन्होंने कहा कि मतदाता इनके झांसे में न आएं। घोषणापत्र की बातें ये दल पूरी नहीं करते।
बसपा घोषणा पत्र के बजाए काम करने में विश्वास करती है।
मायावती ने पहले भी भाजपा के विकास आधारित घोषणा पत्र पर सवाल उठाये थे।
दलितों को दी चेतावनी
मायावती ने कहा कि चुनाव से पहले दलितों को हिंदू के नाम पर तोड़ने की कोशिश की जाएगी।
ऐसे में उन्हें सावधान रहना होगा। चुनाव में वोट हासिल करने के बाद ऐसे लोग उन्हें पूछेंगे भी नहीं।
भाजपा पहली बार सत्ता में आई थी तो उसने भारतीय संविधान की समीक्षा के नाम पर दलितों को मिल रहे आरक्षण को खत्म करने की कोशिश की थी।
इसका खुलासा होने पर बसपा ने पूरे देश में आंदोलन किया। तब जाकर भाजपा को अपने कदम वापस लेने पड़े।
जीत सकते हैं अमेठी में
सुल्तानपुर से पार्टी प्रत्याशी पवन पांडेय के साथ ही अमेठी प्रत्याशी धर्मेंद्र प्रताप सिंह को जिताने की आह्वान करते हुए मायावती ने राहुल गांधी पर भी हमला बोला।
उन्होंने कहा कि अमेठी में दलित, अति पिछड़े और मुस्लिम व क्षत्रिय अगर बसपा के साथ आ जाएं तो वहां से भी पार्टी की जीत को कोई रोक नहीं सकता।
ग्रामीण अंचल के मरियमपुर में हुई बसपा की जनसभा में दिग्गजों का जमावड़ा लगा।
सभा में बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर जुगुल किशोर, पूर्व मंत्री विनोद सिंह, पूर्व मंत्री जयनारायण तिवारी, डॉ. डीएस मिश्रा, इसौली के विधानसभा प्रभारी प्रभाकर पाठक थे।
भीड़ से उत्साहित थीं मायावती
मरियमपुर पहुंचने वाले हर संपर्क मार्ग पर आते-जाते समय घंटों जाम लगा रहा। सभा में भारी भीड़ उमड़ी।
भीड़ को देख बसपा सुप्रीमो मायावती उत्साहित नजर आईं।
मायावती की सभा में राजप्रसाद उपाध्याय उर्फ राज बाबू, बसपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश गौतम, मंडल कोआर्डिनेटर दिनेश चंद्रा, शिव कुमार सिंह भी मौजूद रहे।