यूरोपियन यूनियन के 28 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल घाटी के जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए एक दिवसीय दौरे पर आज कश्मीर पहुंच गया। इस खबर के साथ ही सियासत भी तेज हो गई है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को भारत सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के उपरान्त वहां की वर्तमान स्थिति के आकलन के लिए यूरोपीय यूनियन के सांसदों को जेके भेजने से पहले भारत सरकार अगर अपने देश के खासकर विपक्षी पार्टियों के सांसदों को वहां जाने की अनुमति दे देती तो यह ज्यादा बेहतर होता।
बता दें कि जम्मू कश्मीर से पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के बाद यह पहला अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि मंडल है जिसे कश्मीर का दौरा करने की अनुमति दी गई है।