बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी के सीएम अखिलेश यादव पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। अखिलेश को दागी चेहरे वाला मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि अखिलेश सरकार में मुजफ्फरनगर, दादरी, मथुरा और बुलंदशहर जैसी घटनाएं घटीं। ऐसे में जनता को तय करना है कि वो दागी चेहरे वाले को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है या बसपा के बेदाग चेहरे वाली सीएम।
अपने 61वें जन्मदिन पर बसपा कार्यालय पर मीडिया को सम्बोधित करते हुए उन्होंने भाजपा, सपा व कांग्रेस तीनों पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने सपा में जारी पारिवारिक विवाद पर कहा कि सपा में दोनों गुट चुनाव जीतने के लिए नहीं लड़ रहे हैं बल्कि एक दूसरे को हराने के लिए लड़ रहे हैं, जिससे कि भाजपा को इसका फायदा मिल सके।
उन्होंने सपा सरकार पर वोट लेने के लिए बिना बजट योजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण का आरोप लगाया। कानून-व्यवस्था पर सपा सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में जंगल राज है। अराजकता व्याप्त है, जबकि बसपा की सरकार में गुंडे माफिया या तो बिलों में घुस जाते हैं या फिर प्रदेश छोड़कर भाग जाते हैं।
भाजपा पर ये हमले किए
मायावती ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि अच्छे दिन का वादा कर सत्ता में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आधा कार्यकाल बीत गया। एक चौथाई वादे भी पूरे नहीं किया। उल्टा नोटबंदी कर 90 फीसदी जनता को मुसीबत में जरूर डाल दिया।
उन्होंने कहा कि अच्छे दिन का वादा कर भाजपा ने जनता का बुरा दिन ला दिया। अब जनता की बारी है। भाजपा के दिन लाने वाली जनता अब उसके बुरे दिन लाने वाली है। भाजपा को बुरे दिन के लिए तैयार हो जाना चाहिए।
उन्होंने नोटबंदी पर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि पीएम को हिसाब देना चाहिए कि नोटबंदी से कितना कालाधन बरामद हुआ? उन्हें इन सबका हिसाब जनता को देना चाहिए।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले ढाई साल में जब भाजपा की सरकार 2014 में किए गए अपने वादों का एक-चौथाई भी पूरा नहीं कर पाई तो नोटबंदी का फैसला कर जनता का ध्यान बंटाने का प्रयास किया। भाजपा पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि बसपा अभी भी दयाशंकर कांड, रोहित वेमुला कांड और गुजरात के ऊना कांड को भूली नहीं है।
कांग्रेस पर किए ये हमले
मायावती ने कांग्रेस को भी नहीं बख्शा और कहा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद देश पर 54 वर्षों तक राज किया और यूपी में 37 साल तक सत्ता में रही, लेकिन यूपी के लिए कुछ नहीं किया, जिससे कि जनता ने अब उन्हें गंभीरता से लेना बंद कर दिया।
उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा की गई खाट सभा व रथयात्राओं को भी फ्लॉप करार दिया।
उन्होंने कहा कि यूपी में सपा व कांग्रेस मिलकर भाजपा को नहीं रोक पाएंगी। भाजपा को सिर्फ बसपा ही रोक सकती है।