बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस कर पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर केंद्र की भाजपा सरकार को तो घेरा ही कांग्रेस को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि महंगाई के मुद्दे पर भाजपा व कांग्रेस एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। आपको बता दें कि कल कांग्रेस द्वारा पेट्रो पदार्थों की बढ़ती कीमतों के खिलाफ बुलाए गए भारत बंद में बसपा शामिल नहीं हुई। आज मायावती के इस बयान के अलग राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। भारत बंद में कांग्रेस को सपा-रालोद सहित 21 राजनीतिक दलों का साथ मिला था।
मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि केंद्र की वर्तमान सरकार अपने उद्योगपति दोस्तों को नाराज नहीं करना चाहती इसलिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम नहीं करना चाहती। वर्तमान सरकार पूर्व की यूपीए सरकार की तरह ही वही फैसले ले रही है। जिसके लिए पिछली सरकार की आलोचना हुई थी।
मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार पेट्रो पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण नहीं कर सकती क्योंकि इसके लिए अन्तर्राष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। बसपा केंद्र के इस जवाब पर सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र अगर चाहे तो महंगाई पर काबू पाया जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने भारत की जनता को लाचार बना दिया है। खासकर गरीबों-मजलूमों को महंगाई के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। आने वाले चुनाव में जनता भाजपा को सबक सिखाएगी।