बसपा सुप्रीमो मायावती ने कश्मीर घाटी में पिछले 114 दिनों से जारी अस्थिरता पर दुख व आक्रोश व्यक्त करते हुए इन हालात के लिए राज्य की भाजपा-पीडीपी की गठबंधन सरकार के साथ के साथ ही केंद्र की मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने अपने जारी किए गए बयान में कहा कि कश्मीर में जारी कर्फ्यू और अस्थिरता के बीच दो दर्जन से ज्यादा स्कूलों का जलाया जाना एक दुखद घटना है। उन्होंने मामले का हाईकोर्ट द्वारा संज्ञान लेने के फैसले का स्वागत करते हुए राज्य की सरकार को जनहित के मामले में पूरी तरह विफल करार दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य की सरकार पर कश्मीर की जनता का विश्वास लगभग समाप्त हो गया है। इसका कारण यही है कि भाजपा गठबंधन की सरकार के सहारे आरएसएस का संकीर्ण व विभाजन कारी एजेंडा लोगों पर थोपना चाहती है।
उन्होंने कश्मीर की जनता से हमदर्दी जताते हुए कहा कि आज घाटी की जनता भारत-पाक तनाव के बीच बेवजह पिस रही है और केंद्र की सरकार उदासीन व असंवेदनशील बनी हुई है। उन्होंने केंद्र से गुहार लगाई है कि केंद्र सरकार अपने नागरिकों की चिंता करे और वहां हालात सामान्य बनाए।