प्रियंका के वार से हुए डैमेज को कंट्रोल करने के लिए मायावती ने अमेठी को जिला बना दिया था। यहां तक कि पुन्नपुर गांव से लखनऊ तक बस सेवा भी शुरू कर दी थी।
सियासत में हर नेता की नजर मुद्दे की तलाश में रहती है। ऐसे में वर्ष 2002 में एक दलित का घर ढहाने के मामले को कांग्रेस ने मुद्दा बनाया। उस वक्त अमेठी की सांसद रहीं सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले को लेकर थाने तक पहुंच गई थी।
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उस वक्त बहुचर्चित हुए इस मामले के बाद 2002 में यूपी की मुख्यमंत्री मायावती ने अमेठी में रैली करके डैमेज कंट्रोल करके आगे निकलने की होड़ में जिले बनाने तक का ऐलान कर दिया था। यहां तक कि पुन्नपुर गांव से लखनऊ तक बस सेवा भी शुरू कर दी थी।
वाकया वर्ष 2002 का है। अमेठी के पुन्नपुर में दलित रामभजन का घर गिराने का मामला आया था। इस मामले को लेकर उस वक्त मां के संसदीय क्षेत्र अमेठी में सक्रिय रहीं प्रियंका गांधी वाड्रा दौरे पर आई थी। रामभजन परिवार समेत उनसे मिलने मुंशीगंज गेस्ट हाउस पहुंच गई।
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इस पर प्रियंका उसे लेकर पहले उसके गांव गई। इसके बाद उसे लेकर थाने पर पहुंच गई। उस वक्त युवा कांग्रेस की जिम्मेदारी संभाल रहे योगेंद्र मिश्र को जिम्मेदारी दी गई कि कार्यकर्ताओं के साथ श्रमदान करके रामभजन का घर तैयार किया जाय। इसको लेकर खूब राजनीति हुई।
इस मामले को लेकर 2002 में मुख्यमंत्री मायावती अंदर ही अंदर काफी गुस्से में थी। ऐसे में पुन्नपुर कांड को लेकर उन्होंने एक बड़ा जवाब देने की तैयारी की। नतीजन, 2002-03 में अमेठी में बसपा की एक बड़ी रैली हुई।
इसमें उन्होंने पुन्नपुर गांव से बस सेवा शुरू करने के साथ ही अमेठी को अलग से छात्रपति साहू जी महाराज नगर के नाम से जिला बनाने का ऐलान कर दिया। इस राजनीतिक घटनाक्रम ने सभी को सकते में डाल दिया। 21 मई 2003 को जिला गठन की अधिसूचना जारी कर दी गई।
सपा सरकार ने रद्द कर दी अधिसूचना
2003 नवंबर में ही प्रदेश में सत्ता में आई सपा सरकार ने जिला गठन की अधिसूचना को ही रद्द कर दिया। इसके बाद गौरीगंज निवासी अधिवक्ता उमाशंकर पांडेय ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद 2010 में यह दोबारा जिला बनायाा गया। 2012 में छात्रपति साहूजी महाराज नगर से जिले का नाम बदलकर अमेठी कर दिया गया। राजनीति का यह वाकया आज भी सुर्खियों में है।
अमेठी से बसपा संस्थापक ने लड़ा था पहला चुनाव
बसपा संस्थापक कांशीराम अमेठी से अपना पहला चुनाव 1989 में लड़ा था। हालांकि उस वक्त उन्हें महज 25 हजार 400 वोट ही मिले थे। पुन्नपुर कांड के बाद हुए संसदीय चुनाव में अमेठी से कांग्रेस के राहुल गांधी ने जीत के साथ राजनीतिक पारी शुरू की थी।
इस चुनाव में बसपा प्रत्याशी रहे चंद्र प्रकाश मिश्र मटियारी को 99 हजार 326 मत के साथ दूसरे नंबर पर थे। जबकि 2009 में बसपा के आशीष शुक्ल दूसरे, 2014 में बसपा के धर्मेंद्र प्रताप सिंह तीसरे स्थान पर थे। 2024 के चुनाव के लिए अभी तक कांग्रेस या बसपा दोनों दलों ने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है।