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मायावती ने पार्टी नेताओं के पेंच कसे, दी अलग जिम्मेदारी

Fri, 17 Mar 2017 01:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala
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यूपी विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने जातिगत आधार पर गठित भाईचारा कमेटियों को मजबूत बनाने पर फोकस कर दिया है।
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इसकी शुरुआत करते हुए मायावती ने गुरुवार को पार्टी के करीब डेढ़ दर्जन नेताओं को मूल संगठन से हटाकर भाईचारा कमेटियों की कमान सौंपी है। वे पार्टी मुख्यालय में सभी को-ऑर्डिनेटरों व अन्य पदाधिकारियों के साथ चुनाव में मिली हार की समीक्षा कर रही थीं।

करीब साढ़े तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक में उन्होंने मंडल को-ऑर्डिनेटरों के पेंच कसे। कहा कि हर स्तर पर पार्टी के बेस वोटरों के अलावा सभी जातियों को बसपा से जोड़ने के लिए पार्टी की नीतियों व सिद्धांतों के बारे में बताएं।
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उन्होंने ईवीएम घोटाले के खिलाफ पार्टी के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक हर माह की 11 तारीख को होने वाले आंदोलन को जोर-शोर करने की तैयारी करने के भी निर्देश दिए।

चुनाव में हुए ईवीएम घोटाले के बारे में लोगों को बताएं

- फोटो : amar ujala
मायावती ने कहा कि काला दिवस के तौर पर मनाए जाने वाले इस कार्यक्रम को इस तरह चलाएं जिससे चुनाव में हुए ईवीएम घोटाले के बारे में सभी को पता चल सके।

बैठक में मंडल  को-ऑर्डिनेटरों के अलावा सतीश चन्द्र मिश्रा, नसीमुद्दीन सिद्दकी, प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर, अंबिका चौधरी, नारद राय समेत इस बार जीतने वाले सभी विधायक शामिल हुए।

इन्हें मिला भाईचारा कमेटियों का जिम्मा
नए बदलाव में पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्र और ओपी त्रिपाठी की भूमिका में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रामअचल राजभर प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही राजभर समाज की भाईचारा कमेटी का भी जिम्मा संभालेंगे। ठाकुर जयबीर सिंह वेस्ट यूपी तो उमाशंकर सिंह को पूर्वांचल में राजपूत जाति को जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है।
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ये देखेंगे यहां का काम

पार्टी महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दकी व उनके पुत्र अफजल मुस्लिम भाईचारा समिति तो पूर्व एमएलसी वीरेंद्र चौहान अपनी बिरादरी की समिति का काम देखेंगे।

आरएस कुशवाहा को मौर्या व कुशवाहा समाज और आजमगढ़ के को-ऑर्डिनेटर डॉ. मदन को यादव समाज को मजबूत करने का जिम्मा सौंपा गया है।

पार्टी के विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा, पर्वू एमएलसी लालचंद निषाद और पूर्व सांसद त्रिभुवनदत्त को संयुक्त रूप से कुर्मी और निषाद समाज में बसपा की पैठ मजबूत करने को कहा गया है।

बरेली क्षेत्र के को-ऑर्डिनेटर राममूर्ति को कश्यप समाज में पैठ बढ़ाने का जिम्मा सौंपा गया है।
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