पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मुझसे पहले अपने पिता मुलायम सिंह यादव से प्रदेश छोड़कर जाने की बात कहनी चाहिए।
तेलंगाना मुद्दे पर बुधवार को बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती से कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें प्रदेश में न आने की बात कहने पर प्रतिक्रिया पूछी गई थी।
मायावती ने मुख्यमंत्री की बात को बचकाना करार देते हुए कहा कि अपने विरोधियों को प्रदेश छोड़कर जाने के लिए बोलने से पहले सीएम को अपने पिता मुलायम सिंह को यूपी छोड़कर जाने को कहना चाहिए।
मुलायम ने कुछ दिनों पहले ही प्रदेश में हर स्तर पर चल रहे कुशासन की खुलेआम आलोचना करते हुए सीएम अखिलेश को बिहार के मुख्यमंत्री के पदचिह्नों पर चलने की सलाह दी थी।
मायावती ने कहा कि सूबे में कानून के राज की जगह गुंडों, बदमाशों, माफिया व अन्य अराजक व आपराधिक तत्वों का राज चल रहा है।
आम जनता के साथ ईमानदार व निष्ठावान अधिकारी भी अब इसके शिकार हो रहे हैं।
आईएएस अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल को जिस तरह से खनन माफिया की वजह से निलंबित किया गया, वह इसका जीता-जागता उदाहरण है।
उन्होंने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग दुहराते हुए राज्यपाल से आईएएस अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें न्याय दिलाने का आग्रह किया।
साथ ही केंद्र सरकार से भी इस मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। मायावती ने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो प्रदेश में ईमानदार व निष्ठावान अधिकारियों कासपा सरकार में काम करना बहुत मुश्किल हो जाएगा।