यूपी विधानसभा चुनाव में हार के बाद मायावती ने बसपा के फील्ड संगठन में बदलाव किए हैं और कार्यकर्ताओं से कहा कि बीजेपी एंड कंपनी व आरएसएस के लोग बीएसपी को ही असली खतरा मान रहे हैं। इसीलिए ये बसपा को निशाना बनाने का प्रयास जारी है। लेकिन बसपा किसी के भी सामने घुटने टेकने वाली नहीं है।
मायावती पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर बसपा केजोन कोआर्डिनेटर व वरिष्ठ पदाधिकारियों की मासिक बैठक को संबोधित कर रही थीं।
पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा व आरएसएस अपने जातिवादी, सांप्रदायिक व हिंसात्मक राजनीतिक एजेंडे को लागू करने में आजकल सरकारी धन, सुविधा व शक्ति का खुलकर उपयोग कर रहे हैं। लेकिन बसपा कुछ चुनावी आघातों के बावजूद किसी के भी सामने झुकने या घुटने टेकने वाली नहीं है। उसे अपने संघर्षों के बल पर आगे बढ़ते रहने का पूरा विश्वास है।