लोकसभा में कोई भी सीट न पाने वाली बहुजन समाजवादी पार्टी की मुखिया मायावती लगभग एक साल के बाद कार्यकर्ताओं से बड़े स्तर पर पहली बार मिलीं। गोमती नगर स्थिति परिवर्तन स्थल पर प्रदेश भर से उमड़े कार्यर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने सबसे ज्यादा हमले अखिलेश यादव की सरकार पर बोले।
मायावती ने कहा कि ऐसे समय जब किसान फसल बर्बाद होने के सदमे से मर रहे हैं उस समय प्रदेश के मुखिया जर्मनी की यात्राएं कर रहे हैं। उस समय उनको यहां होना चाहिए था और किसानों का दर्द बांटना चाहिए था।
मायावती के ये हमले सपा सरकार के साथ मोदी सरकार पर भी हुए। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश के बाद तबाह हुए किसानों के साथ सपा ने सरकार ने तो बुरा बर्ताव किया ही है केंद्र सरकार का व्यवहार भी बहुत खराब रहा है।
मायावती ने कहा कि बेमौसम बारिश से किसान बर्बाद हो गए हैं। वे आत्महत्या कर रहे हैं। सदमे से मौत हो रही है लेकिन सरकार 100 रुपये व 200 रुपये का चेक देकर उनका मजाक उड़ा रही है। किसान मर रहा है, प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री भी विदेशी दौरे कर रहे हैं।
मायावती ने कहा कि जो घोषणाएं सरकार कर रही है वह सब महज बयानबाजी हैं। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि यहां से प्रतिज्ञा करके जाएं कि विधानसभा चुनाव में इस सरकार को उखाड़ फे केंगे।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा को दलित व अंबेडकर विरोधी करार देते हुए कहा कि सपा मुखिया को भी पता होना चाहिए कि जो राजनीति वह आज कर रहे हैं, वह उन्हें डा. अंबेडकर की बदौलत ही करने को मिली है। उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष डा. अंबेडकर को जो फूल माला चढ़ाने जाते हैं वह उनकी मजबूरी है। सपा दिल से डां अंबेडकर को सम्मान नहीं देती।