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Lucknow News: सर्द हवाओं ने कंपाया, दिन के पारे ने लगाया 6.4 डिग्री का गोता, घने कोहरे के चलते सुबह 8.30 से 9 बजे तक दृश्यता रही शून्य, न्यूनतम पारा भी 3.3 डिग्री लुढ़का

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लखनऊ। चुभती हवाओं के बीच सूरज के कोहरे से ढके होने से लोग मंगलवार को कांपते रहे। जबरदस्त ठंड के चलते दिन का पारा 6.4 डिग्री लुढ़ककर 10.6 डिग्री जा पहुंचा। न्यूनतम तापमान भी सोमवार की अपेक्षा 3.3 डिग्री कम होकर 6.7 डिग्री दर्ज हुआ। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के मुताबिक, फिलहाल लखनऊ के लिए रेड अलर्ट है। यहां कोल्ड डे व शीतलहर से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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इससे पहले सुबह की शुरुआत घने कोहरे से हुई। तड़के दृश्यता 50 मीटर तक थी। इसके बाद 8.30 बजे तक अचानक दिखना बंद हो गया। नौ बजे तक दृश्यता शून्य बनी रही। इसके बाद दृश्यता बढ़ी जरूर, पर अधिकतम 800 मीटर ही रही। लोग दिनभर गलन से कांपते रहे।
वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, वर्ष 2003 की जनवरी में दिन का तापमान 10.2 डिग्री दर्ज हुआ था। वरिष्ठ वैज्ञानिक मो. दानिश ने बताया कि 2011 में भी दिन का तापमान 11 डिग्री के आसपास पहुंचा था। फिलहाल बुधवार और गुरुवार को भी ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं।
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मंगलवार को घर से निकले लोग ठिठुरते ही दिखे। रोजाना की तुलना में लोग ज्यादा मफलर, कोट, जैकेट, स्वेटर लादे रहे। घरों में भी आग ताप कर तो कहीं रूम हीटर से लोग ठंड को दूर भगाने की कोशिश करते दिखे।
कोल्ड डे और कोल्ड वेव का अंतर भी जानें
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, कोल्ड डे तब होता है जब मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे हो। अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री नीचे आने पर भीषण शीत दिवस होता है। वहीं, शीतलहर तब होती है, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे हो और यह सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री कम हो जाए। न्यूनतम तापमान चार डिग्री या इससे कम होने पर शीतलहर और दो डिग्री तक पारा पहुंच जाने पर भीषण शीत लहर होती है।
कंपाने वाली इस ठंड में स्कूलों के शिक्षकों, कर्मचारियों को राहत नहीं मिलेगी। जिला प्रशासन ने शीतलहर को देखते हुए जिले में 12वीं तक के स्कूलों में बच्चों के लिए बुधवार से शनिवार तक छुट्टी कर दी है, लेकिन शिक्षकों और कर्मचारियों को स्कूल आना पड़ेगा। इसे लेकर डीएम ने मंगलवार को संशोधित आदेश जारी कर किया। डीएम सूर्यपाल गंगवार ने सोमवार को जारी आदेश में कहा था कि मौसम विभाग की ओर से जारी शीतलहर की चेतावनी के मद्देनजर चार से सात जनवरी तक शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के सभी बोर्ड के 12वीं तक के सरकारी, गैर सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी रहेगी। मंगलवार को संशोधित आदेश जारी करते हुए उन्होंने कहा कि यह छुट्टी सिर्फ बच्चों के लिए है। टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ के लिए आदेश प्रभावी नहीं है। इसे लेकर शिक्षकों-कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिली। उधर, मंगलवार को बच्चे कांपते हुए स्कूल पहुंचे। पूर्व आदेश के चलते स्कूल 10 बजे से खुले, लेकिन धूप न निकलने से बच्चे सर्दी से परेशान दिखे। हालांकि, बुधवार से छुट्टी के आदेश और ठंड के चलते मंगलवार को उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही। कई स्कूलों ने छुट्टियों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने की तैयारी की है।
सिटी मोंटेसरी स्कूल (सीएमएस) के डीएम के आदेश के बाद भी स्कूल खोलने और छात्रों को सादे कपड़ों में बुलाने की शिकायत को जिला विद्यालय निरीक्षक ने गंभीरता से लिया। डीआईओएस राकेश कुमार ने सीएमएस को नोटिस जारी करते हुए डीएम के आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके तुरंत बाद सीएमएस की ओर से सूचना जारी की गई कि डीएम के निर्देशानुसार सभी शाखाओं की सभी कक्षाओं में सात जनवरी तक छुट्टी रहेगी। इस दौरान कोई परीक्षा भी नहीं आयोजित की जाएगी। डीएम ने देर शाम एक अन्य निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि सात तक छात्रों के लिए स्कूल बंद किए गए हैं। शीतलहर बरकरार रहती है तो छुट्टी आगे बढ़ाने पर विचार होगा। जिन स्कूलों में प्री बोर्ड की परीक्षाएं हैं, वहां पेपर सेट करने के लिए शिक्षक बुलाए जा सकते हैं। छात्र-छात्राओं को इस परीक्षा के नाम पर नहीं बुलाया जा सकता। शिक्षकों को सिर्फ पेपर सेट करने के लिए बुलाया जा सकेगा। लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा) ने डीएम को मेल भेजकर उच्च शैक्षिक संस्थानों में भी सात जनवरी तक छुट्टी घोषित करने की मांग की है। लुआक्टा अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय व महामंत्री डॉ. अंशू केडिया ने कहा कि विवि व कॉलेजों में दूर-दराज से छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आते हैं। ठंड के कारण इन्हें दिक्कत उठानी पड़ रही है। इसे देखते हुए उच्च शिक्षण संस्थानों में भी अवकाश किया जाए।
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