किसानों के मुआवजे को लेकर एलडीए के बसंतकुंज सेक्टर ए योजना के भूखंडों का विवाद सुलझ गया है। प्राधिकरण के वादे पर किसानों ने भूखंडों को विकसित करने पर सहमति दे दी है। इससे आवेदकों के बीच भूखंडों की जनवरी में लॉटरी न होे पाने का जो असमंजस था, वह खत्म हो गया है। प्राधिकरण ने भी जल्द ही भूखंडों की लॉटरी कराने की घोषणा कर दी है।
प्राधिकरण ने 275 भूखंडों के लिए अक्तूबर में पंजीकरण खोले थे, जिसकी अंतिम तारीख को बढ़ाकर 18 दिसंबर किया था। प्राधिकरण की छंदोइया, बरावन कला, बरावन खुर्द व गजराहार गांवों की जमीन पर बसंतकुंज योजना के सेक्टर एक के लिए भूखंड काटने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच एक दिन किसानों ने प्रदर्शन कर कार्य में अवरोध पहुंचाया।
पंजीयन से आए त्र 150 करोड़
प्राधिकरण को 275 भूखंडों के पंजीकरण से अनुमानित 150 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल हुआ है। आवेदकों को पंजीकरण के दौरान भूखंड की कुल कीमत की दस फीसदी रकम जमा करनी पड़ी है।
मांगे पूरी न हुई तो काम नहीं करने देंगे
किसान नेता राजाराम लोधी ने बताया कि किसानों को योजना में चबूतरा आवंटित न करने व मुआवजा न देने को लेकर काम रुकवाया गया था। गजराहार गांव के किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिल सका। मगर, उपाध्यक्ष के मुआवजा सहित अन्य समस्याओं का निराकरण करने के आश्वासन पर सेक्टर ए योजना के लिए भूखंडों को विकसित करने का कार्य करने दिया जा रहा है।
जनवरी में ही भूखंडों की निकलेगी लॉटरी
बसंतकुंज सेक्टर ए योजना के भूखंडों के लिए जिन आवेदकों ने पंजीकरण कराया है, उसकी लॉटरी पर कोई असमंजस नहीं है। भूखंडों की लॉटरी जनवरी में ही निकाली जाएगी।
- डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, एलडीए वीसी