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मौलाना सलमान नदवी ने राममंदिर मुद्दे से खुद को किया अलग- बोले कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे

Sat, 03 Mar 2018 11:55 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सलमान नदवी - फोटो : ani
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मौलाना सलमान नदवी ने राममंदिर मुद्दे से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा है कि हम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे। 

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आपको बता दें कि सलमान नदवी ने ही अयोध्या मुद्दे पर सुलह का फॉर्मूला दिया था। जिसके बाद उन्हें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से निष्कासित कर दिया गया था। वहीं, मामले से खुद को अलग करने के बाद उन्होंने ये भी स्पष्ट कर दिया कि वो बोर्ड में वापस लौटने के इच्छुक हैँ लेकिन पहले असदुद्दीन ओवैसी और कमल फारूक़ी समेत चारों लोगों को हटाया जाए।  

नदवी के कदम पीछे खींचने से हर कोई हैरान हैं। नदवी कोर्ट से बाहर ही इस मुद्दे को सुलझाने में जुटे थे। लेकिन अब मामले में यू-टर्न लेते हुए खुद को पूरी तरह अलग कर लिया।

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दरअसल अयोध्या मिशन पर निकले आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने गुरुवार को ही लखनऊ में सलमान नदवी से मुलाकात की थी। 

जिसके एक दिन बाद ही शुक्रवार को नदवी ने कहा कि अब वो राम मंदिर विवाद में नहीं पड़ना चाहते। नदवी ने कहा कि अयोध्या मामले में हम को पक्षकार नहीं है। साथ ही उन्होंने एलान किया कि राम मंदिर और बाबरी मस्जिद मामले को हमने अपने एजेंडे से बाहर कर दिया है। 

 

 
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श्री श्री रविशंकर व मौलाना सलमान नदवी व अन्य। - फोटो : amar ujala
आपको बता दें कि लखनऊ में नदवी और श्री श्री रविशंकर की आधे घंटे से अधिक समय तक आपस में चर्चा हुई थी। जिसके बाद बाहर निकले रविशंकर ने कहा कि अयोध्या मसले का हल दोनों पक्षों के बीच आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण माहौल में निकलना चाहिए। इसी मुद्दे पर हम दोनों के बीच चर्चा भी हुई है और इसे आगे भी जारी रखेंगे। इस मौके पर पूर्व आईएएस अधिकारी अनीस अंसारी भी मौजूद थे। 

रविशंकर ने कहा थ्ाा कि अयोध्या के विवाद को लेकर हमें सभी पक्षों की तरफ  से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। हम दोनों समुदायों के बीच सौहार्द और अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण को लेकर बात कर रहे हैं। मामले में जल्दबाजी में हल नही निकलेगा। इसके लिए सभी लोगों को सच्चे मन से तैयाj होना होगा।

उन्होंने कहा कि देश की शीर्ष कोर्ट का फैसला हम मानते हैं लेकिन जो हम लोग दिल से फैसला लेंगे उसकी अलग बात होगी। हम चाहते हैं राम मंदिर का  मुद्दा हम लोग आपसे मुलाकात और बातचीत से हल कर लें, क्योंकि कोर्ट से राम जन्मभूमि विवाद का कोई हल नहीं निकल सकता क्योंकि कोर्ट के फैसले से किसी एक पक्ष को हार स्वीकार करनी पड़ेगी।
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