मो. गुफरान बांदवी
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रायबरेली में बांदा स्थित अपने ननिहाल से रायबरेली शहर स्थित घर लौट रहे दारूल उलूम नदवातुल उलमा के उस्ताद मौलाना सैयद मो. गुफरान नदवी (32) की रविवार रात सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में उनके बड़ेे भाई डॉ. मो. इमरान को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें हालत नाजुक होने पर पहले जिला अस्पताल और फिर लखनऊ रेफर कर दिया गया।
परिवारीजनों के अनुरोध पर पुलिस ने पंचायतनामा भरवाकर शव उनके सुपुर्द कर दिया। यह हादसा गेगासों गंगा पुलट के निकट हुआ। रायबरेली शहर के अली नगर निवासी अतीक अहमद के दो बेटे मौलाना सैयद मो. गुफरान नदवी और डॉ. मो. इमरान बांदा के हथौड़ा स्थित अपने ननिहाल गए थे।
दोनों भाई अपनी एसयूवी से लौट रहे थे। रविवार देर रात गेगासों गंगा पुल के निकट सामने से आ रहे किसी वाहन की टक्कर हो गई। एसयूवी बेकाबू हो सड़क के बाहर खड्ड में जा गिरी। इससे कार सवार दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए।
नदवा के होनहार उस्तादों में शामिल थे गुफरान
हादसा देख आसपास के काफी लोग जुट गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनों भाइयों को सामुदायिक स्वास्थ्य लाया गया, जहां डॉक्टर ने गुफरान को मृत घोषित कर दिया। भाई इमरान को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया।
मौलाना सैयद मो. गुफरान नदवी का नाम दारुल उलूम नदवातुल उलमा के होनहार उस्तादों में शामिल था। वर्तमान में वह लखनऊ यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बांदा में जामिया अरबिया हथौड़ा से हासिल की।
इसके बाद रायबरेली जिले में मदरसा सैयद अहमद शहीद तकिया कला से हाफिजा किया। मदरसा जियाउल उलूम मैदानपुर से आलिम-फाजिल की पढ़ाई की। स्नातक करने के लिए वह जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली गए और फिर परास्नातक की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से पूरी की।