लोकसभा चुनाव से पहले मुस्लिम धर्मगुरू व आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना कल्बे सादिक ने यह कहकर चौंका दिया है कि नरेंद्र मोदी का अतीत भूला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि तमाम नाइत्तफाकियों के बावजूद मोदी से बातचीत का दरवाजा बंद नहीं हुआ है। वे खुद को बदलें तो हम भी बदलने को तैयार हैं।
अपने यूनिटी कॉलेज के ऑफिस में अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि मोदी हिन्दू-मुसलमान का सवाल छोड़ें और गरीबी, भ्रष्टाचार, फिरकापरस्ती और नाइंसाफी पर अपना एजेंडा और प्लान सार्वजनिक करें, हम उस पर गौर करने को तैयार हैं।
पढ़ें-'मोदी की वजह से गायब हुआ खजाना'
वैसे यह पहला मौका नहीं है जब मौलाना सादिक ने धारा के खिलाफ बोलने का काम किया है।
तीन तलाक, फैमिली प्लानिंग, पर्सनल लॉ व वन्देमातरम जैसे मुद्दों पर जब तब ऐसा बोलते रहे हैं जिस पर मुस्लिम समाज भन्नाता है और सोचने को मजबूर भी होता है।
सादिक ने कहा कि इतिहास में ऐसी तमाम मिसालें हैं, जिनका अतीत तो अच्छा नहीं था, लेकिन बाद में उन्होंने खुद को सुधार लिया।
चंगेजों ने पहले तो इस्लाम के परखचे उड़ा दिए, पर बाद में सुधर गए। क्या उनके अतीत को नजरअंदाज नहीं किया गया?
उन्होंने कहा कि जहां तक मोदी की बात है सिर्फ वादों और बयानों से उनका काम नहीं चलने वाला। भाजपा को लेकर मेरा पूर्व का अनुभव यही कहता है कि वादे तो खूब लुभावने किए गए पर क्रियान्वयन में सिफर।
मुसलमानों से किया गया एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। भाजपा राज में भ्रष्टाचार खूब फला-फूला।
पाक-चीन से बड़ा खतरा
सादिक कहते हैं कि देश के सामने हिन्दू-मुसलमान का मुद्दा छोटा है, चीन और पाकिस्तान से खतरे का बड़ा। ऐसे में नरेंद्र मोदी बड़े सवालों पर अपना नजरिया साफ करें तो बात आगे बढ़ सकती है।
लखनऊ की और खबरों के लिए क्लिक करें यहां