पुलिस का भ्रष्टाचार से पीछा नहीं छूट रहा है। बुलंदशहर में थाना बेचने, गाजियाबाद में इंस्पेक्टर द्वारा लूट के पैसों पर हाथ साफ करने और पांच आईपीएस अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप के बाद अब मथुरा पुलिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार बीते दिसंबर माह में मथुरा में एक डाक्टर का अपहरण हुआ। बदमाशों ने डॉक्टर के परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। फिरौती मांगने के बाद बदमाशों ने डॉक्टर को छोड़ दिया। कुछ दिनों बाद बदमाश फिर डॉक्टर से पैसे वसूलने पहुंच गए।
इस बार डाक्टर ने पुलिस से मौखिक शिकायत की। पुलिस ने बदमाशों को पकड़ भी लिया लेकिन डॉक्टर द्वारा एफआईआर न करने का बहाना बनाकर उसे छोड़ दिया गया। पुलिस पर आरोप लगा कि बदमाशों द्वारा वसूली गई फिरौती की रकम पुलिस ने हड़प ली और उसका आपस में बंदरबांट कर लिया।
मामले की शिकायत हुई तो मुख्यालय से इसकी जांच के आदेश दिए गए। एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने आईजी आगरा ए सतीश गणेश को जांच करने को कहा। सतीश गणेश ने 22 सवालों का लिखित जवाब एसएसपी मथुरा शलभ माथुर से मांगा है। सूत्रों का कहना है कि इस खेल में स्थानीय थाने के पुलिस कर्मियों के साथ जिले के शीर्ष अधिकारियों के भी शामिल होने का शक है।