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अब मथुरा पुलिस पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप, आईजी आगरा ने एसएसपी से मांगा जवाब

Tue, 11 Feb 2020 09:04 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
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पुलिस का भ्रष्टाचार से पीछा नहीं छूट रहा है। बुलंदशहर में थाना बेचने, गाजियाबाद में इंस्पेक्टर द्वारा लूट के पैसों पर हाथ साफ करने और पांच आईपीएस अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप के बाद अब मथुरा पुलिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है।
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जानकारी के अनुसार बीते दिसंबर माह में मथुरा में एक डाक्टर का अपहरण हुआ। बदमाशों ने डॉक्टर के परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। फिरौती मांगने के बाद बदमाशों ने डॉक्टर को छोड़ दिया। कुछ दिनों बाद बदमाश फिर डॉक्टर से पैसे वसूलने पहुंच गए। 

इस बार डाक्टर ने पुलिस से मौखिक शिकायत की। पुलिस ने बदमाशों को पकड़ भी लिया लेकिन डॉक्टर द्वारा एफआईआर न करने का बहाना बनाकर उसे छोड़ दिया गया। पुलिस पर आरोप लगा कि बदमाशों द्वारा वसूली गई फिरौती की रकम पुलिस ने हड़प ली और उसका आपस में बंदरबांट कर लिया।
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मामले की शिकायत हुई तो मुख्यालय से इसकी जांच के आदेश दिए गए। एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने आईजी आगरा ए सतीश गणेश को जांच करने को कहा। सतीश गणेश ने 22 सवालों का लिखित जवाब एसएसपी मथुरा शलभ माथुर से मांगा है। सूत्रों का कहना है कि इस खेल में स्थानीय थाने के पुलिस कर्मियों के साथ जिले के शीर्ष अधिकारियों के भी शामिल होने का शक है।
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सूत्रों का कहना है कि इस मामले में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने भी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इस प्रकरण में लिप्त पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने को कहा है। एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने बताया कि मामला जब संज्ञान में आया तो इसकी जांच के आदेश दिए गए। इस मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस पर लगातार लग रहे भ्रष्टाचार के आरोप
मथुरा का मामला नया नहीं है। इससे पहले गाजियाबाद में एटीएम लूट की एक घटना में लिंक रोड थाने की महिला इंस्पेक्टर द्वारा 65 लाख रुपये गायब करने का आरोप भी लग चुका है। इस मामले में महिला इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था। गाजियाबाद में ही एक अन्य इंस्पेक्टर पर पुलिस द्वारा बरामद किए गए जुए के पैसों का बंदरबांट करने का आरोप लगा था। 

पिछले वर्ष एक आईपीएस अफसर को थानों पर तैनाती के लिए पैसा लेने के आरोप में निलंबित किया गया था। वहीं इस वर्ष के शुरुआत में गौतमबुद्घनगर के तत्कालीन एसएसपी ने पांच आईपीएस अफसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा कर सनसनी फैला दी थी, जिसकी जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है।
 
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