लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की ओर से रविवार को राजधानी के 45 केंद्रों पर दो पालियों में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) का आयोजन किया गया। परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि गणित के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान रहे जबकि समसामयिक घटनाओं पर आधारित सवालों में खूब दिमाग खपाना पड़ा। सामान्य ज्ञान के कुछ प्रश्नों को छोड़कर बाकी का स्तर औसत रहा। प्रश्नपत्र में करेंट अफेयर्स, भारतीय इतिहास, संविधान, अर्थव्यवस्था और गणितीय तर्क से जुड़े सवाल पूछे गए।
परीक्षा के लिए दोनों पालियों को मिलाकर कुल 38,304 अभ्यर्थी पंजीकृत थे जिसमें से रविवार को 9,222 ने परीक्षा नहीं दी। कुल 29,082 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। पहली पाली में कुल 19,152 अभ्यर्थी पंजीकृत थे जिसमें से 14,546 ने परीक्षा दी जबकि 4606 परीक्षा में शामिल नहीं हुए। परीक्षार्थियों की उपस्थिति का प्रतिशत 75.95 रहा। उत्तर प्रदेश के आठ जिलों के अलावा बिहार से भी बड़ी तादाद में अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा केंद्रों पर 300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। परीक्षा केंद्रों के आसपास 200 मीटर के दायरे में सभी साइबर कैफे भी बंद रहे।
11 मिनट देरी से पहुंचा छात्र, नहीं मिली एंट्री
महाराजा बिजली पासी पीजी कॉलेज में 11 मिनट देरी से पहुंचे अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया। गेट बंद किए जाने से पहले गेट के बाहर की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई। उस समय तक गेट के बाहर एक भी अभ्यर्थी मौजूद नहीं था।
चेकिंग में सख्ती : मंगलसूत्र उतरवाया, कैंची से काटा कलावा
धार्मिक चिह्नों को लेकर नियमों के बावजूद नहीं रखा गया ध्यान
लखनऊ। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के दौरान केंद्रों पर सख्ती दिखी। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध के साथ ही अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली गई। महाराजा बिजली पासी कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र पर युवतियों से बाली, पायल, हेयरपिन समेत विवाहिताओं के मंगलसूत्र तक उतरवाए गए। हाथों में कलावा बांधकर पहुंचे कुछ अभ्यर्थियों के हाथों से कैंची से कलावा काटकर हटाने का भी आरोप है।
परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए अभ्यर्थियों की जांच जरूरी है लेकिन इस दौरान निर्धारित नियमों का पालन भी आवश्यक है। यूपीएसएसएससी ने मंगलसूत्र व कलावा न उतरवाने के निर्देश दिए थे। इसके विपरीत ऐसी कार्रवाई सामने आने से परीक्षा केंद्र पर तलाशी की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
इस संबंध में उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. अश्विनी मिश्रा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि चेकिंग में परीक्षा कराने वाली एजेंसी की जिम्मेदारी होती है कि वह नियमों का अनुपालन कराए। इस परीक्षा में चेकिंग को लेकर उनकी कोई भूमिका नहीं रहती है।
गद्यांशों, सारणी और ग्राफ से पूछे गए 35 ये ज्यादा प्रश्न
अनुशासन और परोपकार विषय पर दो गद्यांश दिए गए थे जिसमें से पांच-पांच प्रश्न पूछे गए। एक ग्राफ देकर उससे संबंधित पांच प्रश्न पूछे गए। इसके अलावा फिटनेस केंद्र और आगंतुकों के साथ सदस्यता लेने वाले लोगों की एक सारणी दी गई जिसमें से पांच प्रश्न पूछे गए। पांच प्रश्न पाई-चार्टों के अध्ययन पर आधारित भी पूछे गए। अंग्रेजी के एक पैसेज पर भी दो प्रश्न पूछे गए।
चर्चा में रहा ‘हिंदू वृद्धि दर’ से संबंधित सवाल
भारत की दीर्घकालिक धीमी आर्थिक वृद्धि का वर्णन करने के लिए ‘हिंदू वृद्धि दर’ पद किस अर्थशास्त्री ने गढ़ा था। प्रश्नपत्र में पूछा गया यह सवाल काफी चर्चा में रहा। समसामयिक घटनाओं में भारत-थाईलैंड के बीच होने वाले सैन्य अभ्यास और विश्व जल दिवस 2026 की थीम से संबंधित प्रश्न भी पूछे गए।
अभ्यर्थियों ने साझा किए अनुभव
चुनौतीपूर्ण रहा समय प्रबंधन
पेपर का स्तर मध्यम था लेकिन गणित और डाटा इंटरप्राटेशन के प्रश्नों ने काफी समय ले लिया। जीएस का सेक्शन ठीक-ठाक था लेकिन कुछ सवाल काफी गूढ़ थे। समय प्रबंधन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा।
- राहुल वर्मा (लखीमपुर खीरी)
कैलकुलेटिव प्रश्नों को जल्द हल करने की हड़बड़ी
करंट अफेयर्स और इतिहास के सवाल उम्मीद के मुताबिक ही थे। हिंदी और अंग्रेजी का भाग सरल था, जिससे काफी मदद मिली। हालांकि, कुछ कैलकुलेटिव प्रश्नों की वजह से अंत में हड़बड़ी जरूर हुई।
- प्रिया सिंह (लखनऊ)
ग्राफ और सारणी वाले प्रश्नों में लगा समय
ग्राफ और तालिका वाले सवाल काफी उलझाने वाले थे। उन्हें हल करने में बहुत समय लग गया। कई छात्र समय की कमी के कारण सभी प्रश्न हल नहीं कर पाए। पेपर का पैटर्न थोड़ा अप्रत्याशित लगा।
- अमित कुमार (कानपुर)
रीजनिंग और हिंदी के सेक्शन ने राहत दी, लेकिन सामान्य विज्ञान और संविधान के कुछ सवाल काफी गहराई से पूछे गए थे। अच्छे स्कोर के लिए और ज्यादा तैयारी की जरूरत है।
नेहा मिश्रा (रायबरेली)
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी।