लोग बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने में जुट गए
घटना से मोहल्ले में अफरा तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने तलों को अपनी चपेट में ले लिया। किसी तरह से लोगों ने उन्हें बाहर निकाला फिर घटना की जानकारी दमकल कर्मियों और अलीगंज पुलिस को दी गई। लोग भी बाल्टियों में पानी भर-भरकर आग बुझाने की कोशिश करने लगे।
दमकलकर्मी जब आग बुझा रहे थे, तभी मकान का छज्जा गिर गया। फायरमैन महेंद्र कुमार बिंद, गंगामणि सिंह, फायर मैन अशोक कुमार, रजनीश व सुनील कुमार उसकी चपेट में आकर चोटिल हो गए। आनन फानन दमकल कर्मियों और पुलिस ने मलबा हटाकर घायलों को महानगर स्थित भाऊराव देवरस अस्पताल पहुंचाया। एक के बाद एक कुल आठ दमकल की गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका।
गनीमत रही बच गए दमकलकर्मी
पहली बार छज्जा गिरने से पांच दमकलकर्मी चपेट में आ गए थे। उनको निकाला ही जा रहा था तभी दूसरे हिस्से में दो बार छज्जा गिरा। गनीमत रही उस दौरान कोई चपेट में नहीं आया। घटना की सूचना पर पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर, जेसीपी एलओ बबलू कुमार, सीएफओ अंकुश मित्तल समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
हॉस्टल का भी एक कमरा जलकर राख
सीएफओ ने बताया कि आग और फैलने की आशंका को देखते हुए मकान के पास बने गर्ल्स हॉस्टल को खाली कराया गया। वहां पर 15 छात्राएं व कर्मचारी मौजूद थे। गोदाम से जब आग फैली तो हॉस्टल का भी एक कमरा चपेट में आ गया था। जो जलकर राख हो गया। चूंकि हॉस्टल पहले ही खाली करवा लिया गया था लिहाजा कोई जनहानि नहीं हुई।
धमाकों और आग की लपटों को देख सहम उठे लोग
इस बीच ताबड़तोड़ धमाके होने लगे। धमक इतनी तेज थी कि लोग सिहर उठे। उनके घरों की खिड़कियों में लगे शीशे चटक गए। पुलिस ने लोगों को शांत कराया। करीब चार घंटे में दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया।
संकरी गली के कारण दमकल को हुई समस्या
इलाकाई निवासी वैभव मिश्रा ने बताया कि आग लगने की सूचना उन्होंने दमकल को दी थी। दमकल कर्मी समय रहते मौके पर आ भी गए थे। मगर वह मकान तक नहीं पहुंच सके। क्योंकि मकान तक पहुंचने का रास्ता काफी संकरा था। सीएफओ ने बताया कि रास्ता संकरा होने के कारण दमकल कर्मियों को काफी समस्या हुई।