विरोधियों को फंसाने के लिए दिया घटना को अंजाम, एक गिरफ्तार दो फरार
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। नवीन मॉडर्न थाना कटरा के ग्राम नरपतपुर के मजरा इटहना निवासी मैसर जहां का शव 19 जून को गोंडा जिले के थाना खरगूपुर के ग्राम नरहरिया के समीप कुआनो नदी के किनारे मिला था।उसके हाथ-पैर बंधे थे। प्रथम दृष्टया गला घोंटकर हत्या प्रतीक हो रही थी। बुधवार को इस मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश के लिए टीम बनाई गई है। हत्या मृतका के परिचित ने अपने विरोधियों को फंसाने के लिए दो साथियों संग की थी।
एसपी घनश्याम चौरसिया के अनुसार कटरा के ग्राम नरपतपुर के मजरा इटहना में 17 जून को राज मोहम्मद ने मैसर जहां के पक्ष पर मारपीट का केस दर्ज कराया था। जबकि मैसर जहां ने 18 जून को रफी अहमद आदि के विरुद्ध मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। मैसर जहां विरोधियों पर गंभीर धारा में और मुकदमा लिखाना चाहती थी। इसके लिए उसने अपने पूर्व परिचित इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम विशुनापुर के मजरा पहलवानदास पुरवा निवासी मंगरे उर्फ तौफीक से मदद मांगी। मंगरे मैसर जहां के विरोधियों से पहले से ही रंजिश रखता था। इसलिए उसने विरोधियों को फंसाने के लिए अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर योजना बनाई। इसके लिए उसने देर रात गोंडा के थाना खरगूपुर सीमा क्षेत्र स्थित चकरोड पर मैसर जहां को बुलाकर उसके हाथ में गोली मारने की बात बताई। इस पर भरोसा कर मैसर जहां 19 जून की रात आरोपी मंगरे से मिलने पहुंची। जहां पर मंगरे ने पूर्व योजना के तहत अपने दो अन्य साथियों तारिक व बाबा के साथ मिलकर मैसर जहां की गला दबाकर हत्या कर दी। चूंकि मैसर जहां का पूर्व में झगड़ा रफी अहमद आदि से हुआ था इस लिए उसके पति गोली ने झगड़े में नामित अभियुक्तों को इस मुकदमे का भी अभियुक्त बना दिया। विवेचना से आरोपी मंगरे उर्फ तौफीक व खरगूपुर थाना क्षेत्र के नरहरिया निवासी तारिक व बाबा का नाम प्रकाश में आया। जबकि रफी अहमद, बिट्ठी, अली अहमद व ताजो निवासी इटहना की नामजदगी गलत मिली।
मंगलवार को पुलिस ने आरोपी मंगरे को बलुआ घाट पुल के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शेष दोनों आरोपियों की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध इकौना थाने में एक और आपराधिक मामला भी दर्ज है।