जन्मू-कश्मीर के सोपोर में सोमवार को आतंकी हमले में शहीद हुए यूपी के रायबरेली जिले के लाल शैलेंद्र प्रताप सिंह का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। पार्थिव शरीर को देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। इस दौरान वहां मौजूद लोगों का पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए।
सीआरपीएफ के डीआईजी भी शहीद शैलेंद्र सिंह के घर पहुंचे। शैलेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर रायबरेली पहुंचते ही हर तरफ जब तक सूरज चांद रहेगा शैलेंद्र तेरा नाम रहेगा की गूंज सुनाई दी। पार्थिव शरीर पहुंचने पर शैलेंद्र के बेटे कुशाग्र ने अपने पिता को सलामी दी। बुधवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मूलरूप से डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के मीर मीरानपुर गांव के रहने वाले शैलेंद्र प्रताप सिंह वर्ष 2008 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। इस समय उनकी तैनाती सीआरपीएफ की 110वीं कंपनी में सोपोर में थी।
आतंकियों से मोर्चा लेते हुए शैलेंद्र को गोली लगी, जिससे वह शहीद हो गए। शहीद के पिता नरेंद्र बहादुर सिंह रिटायर्ड आईटीआई कर्मी और मां सिया दुलारी सिंह गृहणी हैं। पत्नी चांदनी उर्फ दीपा व आठ साल का बेटा कुशाग्र है।