नव हिंदू संवत्सर में 31 मार्च 2014 से शुरू हो रहे नव संवत्सर में इस बार 98 लग्न मिल रही हैं।
यानी चौमासा और खरमास को छोड़ दे तो हर दूसरे दिन राजधानी की सड़कें और गेस्ट हाउस बैंड बाजा बारात की धूम से गुलजार रहेंगे।
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक ये पिछले कई सालों में अब तक की सबसे ज्यादा लग्न हैं। इतनी लग्न 80 से 90 के आसपास ही मिली थी।
31 मार्च से शुरू होने वाले नव संवत्सर में सहालग का पहला दौर 15 अप्रैल से शुरू होकर 7 जुलाई तक चलेगा।
इसमें लोगों को 54 सहालग मिलेंगी। इसके बाद नवंबर से शुरू होने वाले दूसरे दौर में महज 8 लग्न ही है।
अगले साल 36 लग्न मिलेंगी
नए साल 2015 में 36 लग्न मिलेंगी। इन लग्नों में अगर चालू संवत्सर की (फरवरी-मार्च की) लग्न जोड़ दी जाए तो आंकड़ा और भी बढ़ेगा।
महानगर निवासी आचार्य प्रदीप की मानें तो इस वर्ष नव हिंदू संवत्सर ‘प्लवंग’ में इस बार 98 लग्न मिल रही हैं।
ये पिछले कुछ सालों में मिली लग्नों में सबसे ज्यादा हैं। अक्सर इतनी लग्न एक संवत्सर में नहीं मिलती।
ये रहीं डेट्स
अप्रैल : 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 26, 27 और 28 अप्रैल।
मई : 1, 2, 3, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 23, 24, 25, 29 और 30 मई।
जून : 4, 5, 6, 7, 9, 10, 11, 12, 14, 15, 20, 21, 24, 25 और 26 जून।
जुलाई : 1, 2, 3, 4, 5, 6 और 7 जुलाई।
नवंबर : 26 और 30 नवंबर।
दिसंबर : 1, 6, 7, 12, 15 और 16 दिसंबर।
जनवरी, 2015 : 15, 18, 19, 24, 25, 26, 29, 30 और 31 जनवरी।
फरवरी : 4, 5, 7, 8, 10, 11, 12, 14, 15, 16, 17, 20, 21, 22, 25, 26 और 27 फरवरी।
मार्च : 4, 5, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13 और 14 मार्च।
लेकिन साढ़े पांच महीने नहीं बजेगा बैंड....
8 जुलाई को हरिशयनी एकादशी पर देवता सो जाएंगे। हरिशयनी एकादशी के साथ ही चौमासा शुरू हो जाएगा।
3 नवंबर को लगभग चार महीने बाद देवता देवोत्थानी एकादशी पर जागेंगे, लेकिन तब शुक्र अस्त के चलते लग्न नहीं मिलेंगे।
2 अक्टूबर अस्त चल रहे शुक्र 23 नवंबर को उदय होगा, जिसके बाद 26 नवंबर से सहालग मिलनी शुरू हो जाएगी।
इस बीच 16 दिसंबर के बाद धनु राशि पर सूर्य चले जाने के कारण खरमास शुरू होते ही विवाह रुक जाएंगे। इसके बाद जनवरी 2015 में खरमास समाप्त होने पर 15 जनवरी से लग्न फिर मिलेगी।
गर्मियों में खूब बजेगा बैंड, सर्दियों में रहेगा टोटा
मई में विवाह की सबसे ज्यादा 21 लग्न हैं, वहीं जून में 15 लग्न मिलेगी। शुक्र अस्त के चलते नवंबर के गुलाबी जाड़े में महज दो ही लग्न मिल पाएगी।
यही हाल दिसंबर का भी रहेगा, जिसमें महज 6 लग्न ही विवाह के लायक मिलेंगी। हालांकि इसके बाद फरवरी 2015 में 17 लग्न है।